कोलगेट के कई अहम दस्तावेज कोयला मंत्रालय से गायब…

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घोटाले दर घोटाले के आरोपों से परेशान केंद्र सरकार की मुसीबतें कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रहीं हैं.  कोयला घोटाला मामले में पहले से ही बुरी तरह से घिरी यूपीए-2 सरकार एक बार फिर से घिरती नजर आ रही है. एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक इस घोटाले के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हो चुके हैं.coal-scam-india

खबर के मुताबिक कोयला घोटाले के कई अहम दस्तावेज कोयला मंत्रालय से गायब हो गए हैं. कोयला खदान पाने के लिए 1993 से 2005 के बीच जिन 45 कंपनियों ने आवेदन किया उनके दस्तावेज गायब हैं. इसमें कांग्रेस सांसद विजय दर्डा की कंपनी की फाइल भी शामिल है. गौरतलब है कि दर्डा ने बांदेर कोल ब्लॉक के लिए सिफारिश की थी, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय ने आगे बढ़ाया था. लेकिन, अब यह दस्तावेज भी कोयला मंत्रालय से गायब हो चुका है.

उधर, इस पूरे मामले पर बीजेपी ने सख्त रुख अपना लिया है. बीजेपी का कहना है कि मामला पीएमओ से जुड़ा है इसलिए फाइलें गायब कराई जा रही हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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2 thoughts on “कोलगेट के कई अहम दस्तावेज कोयला मंत्रालय से गायब…

  1. अब फाइलें गायब नहीं होगीं तो क्या होगा.न जाने चुनाव में जनता ने डूबा दिया,हालाँकि इसकी संभावना बहुत कम है,तो विपक्ष कहीं बखिया खोलना शुरू कर देगा.दूरदर्शी होनाही अच्छा है.न जाने कौनसा गडा पत्थर जमीं पर गिरा दे.

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