मौत मांग रहे हैं पाकिस्तानी जेल में बंद 28 भारतीय कैदी…

admin 2
0 0
Read Time:3 Minute, 45 Second

-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर पडौसी मुल्क पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद करीब अठाईस भारतीय कैदी मौत मांग रहे हैं. इनमे से सतरह कैदी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुके हैं जिनमे बोलने सुनाने और समझने की शक्ति समाप्त हो चुकी हैं. लखपत जेल से एक कैदी ने सभी कैदियों के हस्ताक्षर शुदा चिठ्ठी  हैं. इन केडिया में तीन कैदी बाड़मेर जिले के भी हैं जो विक्षिप्त हो चुके हैं.

Picture 010

पाकिस्तान की जेल में बंद इन भारतीय कैदियों को इतनी शारीरिक और मानसिक यातनाएँ दी जा रही हैं कि उनके जीने की इच्छा ख़त्म हो गई. उन्होंने अपने पत्र में लिखा हैं कि दोनों देशो की संयुक्त न्यायिक कमेटी जेलों के निरीक्षण करना बंद कर दे, क्यूंकि इस कमेंटी का कोई महत्त्व नहीं.  दूसरी बात लिखी हैं कि भारतीय दूतावास इसलामाबाद को आदेश जारी करे की पाकिस्तान की जेलों में किसी भी भारतीय कैदी से ना मिले, क्यूंकि उनके हाथ में कुछ नहीं हैं, भारतीय दूतावास के अधिकारी कुछ  नहीं कर सकते. तीसरे बिंदु में लिखा हैं की पाकिस्तान सरकार को इतनी सत्ता प्रदान करे कि वह हमें शूट कर के घाट उतार दे ताकि हमारे कष्टों और नर्क समान जीवन का अंत हो.

पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद कैदियों द्वारा लिखा पत्र..
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद कैदियों द्वारा लिखा पत्र..

लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद 28  भारतीय कैदियों ने अपने ‘दुखभरे जीवन’ से मुक्ति पाने के लिए मौत मांगी है.

सांसद अविनाश राय खन्ना और मीडिया संस्थानों को संयुक्त रूप से संबोधित किए गए बयान में कैदियों ने भारत और पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया है कि उन सभी को गोली मार दी जाए ताकि वे अपने ‘दुखभरे जीवन’ से छुटकारा पा सकें क्योंकि ‘बिना किसी लक्ष्य या उद्देश्य के’ यह जीवन नर्क के समान है.

हिन्दी में लिखे इस पत्र पर कैदियों कृपाल सिंह, कुलदीप सिंह, धरम सिंह, मोहम्मद फरीद, तिलक राज, मकबूल लोके, अब्दुल माजिद, सम्भु नाथ, सुरज राम, मोहिन्दर सिंह और पुनवासी के हस्ताक्षर हैं.

पत्र में यह भी दावा किया गया है कि कोट लखपत जेल में ‘बहुत ज्यादा प्रताड़ना’ के कारण चार महिलाओं सहित अन्य 21 भारतीय कैदियों ने अपने होश गंवा दिए हैं और उन्हें अपने नाम भी नहीं पता. राज्यसभा सदस्य खन्ना ने आज पत्र की प्रतियां संवाददाताओं को उपलब्ध करायीं और कहा कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे.

बीजेपी नेता ने कहा कि आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी जेलों में कम से कम 200 भारतीय कैदी हैं.

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

2 thoughts on “मौत मांग रहे हैं पाकिस्तानी जेल में बंद 28 भारतीय कैदी…

  1. हमारी सरकारों को तो अपने नेताओं को जो हमारी ही जेलों में गलती से विपक्ष के दबाव के कारण बंद कर दिए गएँ है,चुदने से फुर्सत नहीं,तो पाक जेलों में फंसे सैनिकों को छुडाने की फुर्सत किसे है? कोई उनसे कह दो कि भाई अब आपका मुल्क यही है.

  2. हमारी सरकारों को तो अपने नेताओं को जो हमारी ही जेलों में गलती से विपक्ष के दबाव के कारण बंद कर दिए गएँ है,चुदने से फुर्सत नहीं,तो पाक जेलों में फंसे सैनिकों को छुडाने की फुर्सत किसे है? कोई उनसे कह दो कि भाई अब आपका मुल्क यही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

मेरे सम्पादक, मेरे संतापक: ठण्ड में ठिठुरा दिया नीरज को...

मेरे सम्पादक, मेरे संतापक – 16                                               पिछली कड़ी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें… -राजीव नयन बहुगुणा|| ठीक दो माह बाद नीरज को उनका वादा याद दिलाते […]
Facebook
%d bloggers like this: