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अनशन में अन्ना पीते हैं विटामिन मिला पानी – जी. आर. खैरनार

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इन दिनों जारी आंदोलन को आज भले ही मीडिया द्वारा ऐतिहासिक क्रांति कह कर पुकारा जा रहा हो, लेकिन मेरे खयाल से इसके नेता अन्ना हजारे की तुलना जयप्रकाश नारायण या महात्मा गांधी से करना कतई ठीक नहीं होगा। उनदोनों नेताओं और अन्ना हजारे में आसमान और जमीन का अंतर है। जब मैं मुंबई में शरद पवार सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़े था तब कुछ लोगों ने मुझे उनसे मिलने की सलाह दी।

मैं अन्ना से मुलाक़ात करने के लिए उनके गांव रेलेगन सिद्धी गया था। लेकिन इस यात्रा ने मेरी आंखों पर से पर्दा उठा दिया। वहां पहुंच कर मैंने पाया कि मीडिया ने अन्ना की जो तस्वीर बना रखी है वे हकीक़त में उससे बिल्कुल ही अलग शख्सियत थे। उन्होंने किसी तरह तीन सरकारी गाड़ियां अपने निजी इस्तेमाल के लिए रखवा ली थीं। इसके अलावा सरकारी प्रोजेक्ट में लगे कई कर्मचारी भी उनके निजी कार्यों में जुटे हुए थे। मुझे यह देखकर बड़ा झटका लगा कि जो शख्स भ्रष्टाचार के खिलाफ इतनी बड़ी लड़ाई लड़ने का दावा कर रहा है वह खुद इसके बारे में कुछ जानता ही नहीं।

मेरा मानना है कि अन्ना ने यह सब कुछ भोलेपन में किया होगा। अन्ना ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। उन्होंने कोई सातवीं-आठवीं तक की ही पढ़ाई की है, इसीलिए उनकी बौद्धिक क्षमता अधिक नहीं है। वो अक्सर अनशन पर चले जाते हैं। कभी चार-पांच दिन, कभी सात दिन। उन्होंने मुझसे एक बार कहा कि वो पास के गांव में अनशन करना चाहते हैं। उन्होंने मुझसे कहा कि आपको सिर्फ मामले का प्रचार करने की जरूरत है, फिर ये सरकारी अधिकारी उनके आगे-पीछे दौड़ेगे। लेकिन जब मुझे पता चला कि वो अनशन के दौरान जो पानी पीते हैं उसमें विटामिन मिला होता है, तो मुझे आघात लगा। मैं उनसे अलग हो गया।

मेरा मानना है कि कोई सफेद कपड़े पहन लेने भर से गांधी नहीं बन जाता। आपको उनके सिद्धांतों पर भी चलने की जरूरत है। बहरहाल, मैं इस आंदोलन के समर्थन में हूं क्योंकि यह देश की भलाई के लिए हो रहा है।

 

(‘डिमोलिशन मैन’ के नाम से मशहूर रहे जी आर खैरनार मुंबई नगर महापालिका के कमिश्नर रह चुके हैं और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में उन्हें एक प्रतीक के तौर पर जाना जाता है। वे तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने मुंबई में कई नामी हस्तियों की बिल्डिंगों से अवैध कंस्ट्रंक्शन हटवाया था। उनकी आपबीती कई पत्रों में प्रकाशित  है।)

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admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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83 thoughts on “अनशन में अन्ना पीते हैं विटामिन मिला पानी – जी. आर. खैरनार

  1. Ek hi baat ko bar bar copy paste marnese fark nahi padega, bihar me dane daneko mohtaj ho na?
    Yaha jo 2 nivale mil rahe hai shanti se khao aur chill maro.
    Rahi baat anna ki to mujhe lagta hai, gaay dudh de rahi to piyo, gaay kya khati hai, wo jaruri nahi hai.
    “lokpal bill” anna akele ke liye mang nahi rahe.
    Support nahi kar sakte to chup raho, anna, ramdev baba aur gopal ragho khairnar teeno humse kai guna acche hai, samajik parivartan ke liye prayatnshil hai.
    Media kab kise hero banaye pata nahi.

  2. यहाँ जितने भी लोग अन्ना और उनकी टीम की बुराई कर रहे हैं वो बताएँ कि अभी तक जब कुछ महिनों से अन्ना और उनकी टीम शांत थी इस दौरान भ्रष्टाचार से लडने के लिए अपने स्तर पर क्या किया हैं? अन्ना गलत हैं तो आपने क्यों नहीं उनकी जगह ले ली? अन्ना गलत है,उनकी टीम गलत हैं तो आप ही क्यों नहीं ऐसा कोई अभियान खडा करते और उसकी कमान अपने हाथ ले लेते.हमारा वायदा हैं कि हम आपका साथ देंगे.आजादी के आंदोलन के दौरान जो लोग नरम दल के तरीकों से असंतुष्ट थे उन्होंने गरम दल बनाकर दूसरा तरीका अपनाया और जनता ने उनका भी भरपूर साथ दिया आप भी ऐसा कुछ क्यों नहीं करते?
    लेकिन नहीं आप ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि आप ऐसा कर ही नहीं सकते आप केवल बातों के ही शेर हैं.खुद तो कुछ करेंगे नहीं और दूसरे कुछ करेंगे तो उसकी टाँग खिंचाई शुरू कर देंगे.यहाँ तो ऐसा माहौल बनाया जा रहा हैं जैसे देश को गर्त में ले जाने वाली तो टीम अन्ना ही हैं,देश की सारी समस्याओं की जड ये आंदोलन ही हैं इससे पहले तो सब ठीक ठाक ही चल रहा था.और अन्ना कुछ कहें तो आपको जल्दी से विश्वास नहीं होता वहाँ आप शक करने लगते हैं कि ये सच भी हैं या नहीं लेकिन टीम अन्ना के खिलाफ कोई कुछ कहें उस पर आपको सहज ही विश्वास हो आता हैं तब कैसे आपकी तार्किकता का बल्ब फ्यूज़ हो जाता हैं?
    वाह रे अंधश्रद्धालुओं की आँखे खोलने वालो! पहले खुद तो जाग जाओ.

    1. bhaee bhrashtachar ka virodh karate hain lekin ye bhrast ho chuki manuwadi media sirf manuwadiyon ka hi prachar prasar karati hai. kisake baare me dikhana hai kab dikhana hai kahan dikhana hai sab media tay karati hai. vidroh har jagah hote hain har mudde par hote hain lekin ye media jo ki daliton ki hai hi nahin aur jisaka maksad hi paisa banana hai wo bhala dalit andolan ko kyun dikjayegi. lekin agar aap inke baare me jyada jigyasu hain to kisi dalit website par jakar jankari le sakate hain

  3. खैरनार साहब का क्या है,ये तो शुरू से ही अन्ना से चिढते रहे हैं उनका लोकप्रिय होना इन्हें कभी अच्छा नहीं लगा हैँ.सच तो ये हैं कि इन्होने खुद कभी महाराष्ट्र में अन्ना हजारे बनने की कोशिश की थी लेकिन बेचारे सफल नहीं हो पाए बस उनके मन में यही टीस रह रहकर उठती रहती हैं.और हाँ अनशन के दौरान विटामिन या ग्लूकोस मिला पानी या नींबूरस का सेवन बुरा नहीं माना जाता हैं बहुत से लोग ऐसा करते भी हैं.लेकिन इसका मतलब ये नहीं हैँ कि ये अन्न का काम कर जाते हों और अब भूखा रहने का कोई मतलब ही नहीं हैं वर्ना हम खैरनार साहब को विटामिन मिला पानी देते हैं जरा दो दिन तो बिना कुछ खाए पीए रह के दिखाए.दूसरों पर उँगली उठाना बहुत आसान होता हैं.
    और यदि कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम का समर्थन कर रहा हैं तो मूर्खता में ये मत कहिये कि लोग अन्ना भक्ति में अंधे हो रहे हैं.जो मुद्दा उठाया गया हैं वो महत्तवपूर्ण हैं न कि अन्ना हजारे.और अन्ना में बहुत सी कमियाँ होगी लेकिन जब मुद्दा सही हो तो इन कमियों को भी नजरअंदाज कर दिया जाता हैं फिर चाहे वो अन्ना हो या कोई और.ये कोई जरूरी नहीं हैं कि बुराईयों के खिलाफ लडने के लिए सबको गाँधी ही होना पडेगा खुद गाँधीजी में बहुत सी कमियाँ थी और अन्ना भी कोई उनके अंधभक्त नहीं हैं तभी उन्होने कहा था कि हम गाँधी के तरीकों में विश्वास रखते हैं लेकिन शिवाजी की भाषा भी जानते हैं.

    1. तेजवानी जी,
      कब तक ये दो लाईनें लिखकर काम चलाते रहेंगे.क्या आपके पास कहने के लिए कुछ तार्किक नहीं हैं?
      अरे कुछ था नहीं तो कम से कम खुद को बुद्धिमान दिखाने के लिए बेसिर पैर के कयास ही लगा लिए होते जैसे कहीं टीम अन्ना देश विरोधी ताकतों जैसे चीन या अमेरिका से मिलकर देश को अस्थिर तो नहीं करना चाहती कहीं ये लोग देश में मिल्ट्रीराज तो नहीं लाना चाहते या कहीं आर एस एस जैसे संगठनों के साथ मिलकर अल्संख्यकोँ को देश से बाहर खदेडना तो नहीं चाहते?
      बहुत से सेकुलर बुद्धिजीवी (माने जाने वाले) लोग विरोध के नाम पर यही कर रहे हैं और कुछ लोग उनका साथ भी दे रहे हैं.आप भी कोशिश कर सकते हैं हालाँकि आपने की भी हैं लेकिन उसमें वो दम नहीं था.अब आपके पास कोई और तर्क हो तो सामने लाईये .

  4. कौन सा पानी विटामिन मिला हुआ आता है कोई मुझे ये बताये, मुझे उम्मीद है के ये मिनेरल वाटर की ही बात कर रहे होंगे. खैरनार साहब अन्ना जी ने एक गाँव तो सुपर गाँव बना ही दिया आपने क्या किया है आज तक जरा वो बताने का कष्ट करे. और चलो मन भी लिया के विटामिन मिला पानी पीते हैं लेकिन फिर भी वो ११ दिन से बिना अन्न और फल आदि के एक ही जगह पर ११ दिनों से बैठे है. आप मैं हिमात है तो आप भी अन्नाशन कर के दिखाएँ

  5. महेश जी, जो कम पढ़े-लिखे हैं उन्हे या तो प्रशांत भूषण और किरण बेदी जैसे दलाल यूज कर लेते हैं, या फिर दिनेश जैसे जान गंवा बैठते हैं और कोई नाम तक नहीं लेता.

  6. नार जी अन्ना जी कम पढे लिखे पर अपना मानना है कि इस देश कि वर्तमान स्तिथति खराब कि पढे हुए लोगो ने कि है।पढा लिखा आदमी तीसरे दर्जॅ काऱय कर रहा हॅ।गरीब एवं कम पढे लिए अपने सम्मान के लिए आत्महत्या

  7. खेर naar अगर तुम ६ दिन भी bhuke rah lo to badi bat hai .desh अगर man me sabse pahle hai to aase deshdrohi bayan kabhi na dete. kaya tumahre bacche तुम से kabhi nahi puchte ke papa तुम ashi anargal baten kayon करते हो . इस samaya सर्कार अन्ना जी or उनकी टीम को badnam करने ke सारे hatkande अपना रही है. jan lokpal ban जाने से उनका or उनकें बच्चों का भी भला hoga jo अन्ना जी को भला बुरा कह रहे है . अब samaya है bhrasth logo को theek करने का. pankaj soni sagar

  8. अन्नाजी खाना खाकर अनसन करे या बिना खाए सच ये हे की उन्होंने भ्रस्ताचार के खिलाफ जो मुहीम चलायी हे उसे पुरे भारत की जनता को वो अच्छा लगा तभी सभी ने उनका साथ दिया , सब खत्म नहीं हुवा हे , अभी और नाटक हमको देखना है, तो सभी भारत वासी तैयार रहे दुसरे अनसन के लिया , और भारतीय होने पर गर्व करो, जय हिंद

  9. It is our first and foremost duty to return back the black money of all the politicians from foreign banks first to develop our economy. It is possible through “Jana Lokapal Bill” to fight against corruptions. It is a matter of regreat how Rajiv accumulated more than 2 lakhs crores rupees in foreign banks including many other politicians. So Sonia herself is corrupted including all her family members.

    1. अबे पाकिस्तानी आतंकवादी तू नाम बदल कर क्या छुप जायेगा क्या .अगर कोई आदमी भ्रस्टाचार ख़तम करने के लिए आगे आ रहा वही काफी नहीं क्या . मुसलमानों ने जिस तरह से इस आन्दोलन से किनारा किया शर्म आनी चाहिए. अन्ना ने क्या पी कर अनशन किया वो कोई माने नहीं रखता
      इस आन्दोलन ने लोगो को भ्रस्टाचार के खिलाफ खड़ा कर दिया जो की भ्रस्टाचार मिटने की दिसा में बड़ा कदम है

      1. मुसलमानों ने क्या किया वो भूल जो वो कभी कुछ नहीं करेंगे
        मगर तुम्हारा ***** अन्ना उन्ही की **** में घुस रहा है
        भाड़ में जाये ऐसा आंदोलन जिसमे हिंदुओं को नीचा देखना पड़ता हो

  10. uday sagar का कहना है:

    मोहित जी मॅ आपकी बातों से पता चलता है कि आप भी एक भारतीय भेड़ है जो इनके पीछे भाग रहे हैं अन्ना के पास कोई जादू की छडी नहीं है या जो आदमी लोकपाल बनेगा क्या वो जादूगर होगा भाई साहब और कुछ नहीं होगा 200 लोग और हराम की खाने के लिए हमारे संसद के सिर पर बैठ जायेंगे ये इनका ड्रामा है कांग्रेस का मिला जुला बाबा राम देव का ब्लैक मनी वाला मुद्दा दबाने तथा स्विस बैंक से पैसा गायब मिल जाएगा यदि अन्ना जैसे लोग देश के वफ़ादार हो ही नहीं सकते आप शायद भूल रहें है देश के गधार राज ठाकरे को उत्तर भारतीयों को महारास्ट्रा से मार भगाने पर शाबासी दी थी ये वो ही अन्ना है मेरे देश की जनता अगर वाकई में भ्रष्टाचार मिटाना चाहती तो जनता को माँग करनी चाहिए शिक्षा की यानी देश में शिक्षा का बाज़ारी करण बंद होना चाहिए देश में एक भी स्कूल कॉलेज प्राइवेट नहीं होने चाहिए नर्सरी से लेकर उच्च उच्चतम हाई से भी हाई शिक्षा मुफ़्त होनी चाहिए जब पूरा देश शिक्षित होगा तो सबको अपने अधिकारों का पता होगा तो भ्रष्टाचार अपने आप ही ख़तम हो जाएगा नहीं तो उदारहण के यूरोपियन देशों को देखलो वहाँ साक्षरता दर 100% है और भ्रष्टाचार 10% वो भी उँचे पैमाने पर अच्छा एक बात बताओ आज से 30 साल पहले कभी सुना था की किसी एसीपी डीसीपी आईजी डीआईजी आईएस आईपीएस अधिकारी या कोई मंत्री संतरी सिपाही हवलदार या नेता राजनेता अभिनेता एसडीम डीएम को जेल जाते देखा था नहीं ना लेकिन अब सब जेल जा रहे रहे हैं आज जेलों में 35 प्रतिशत जनशनख्या इन्ही लोगों की है ये सब कैसे हुआ जागरूकता की वजह से और जागरूकता कहाँ से आई अरे भाई शिक्षा से
    आज सरकारी स्कूलों की जो हालत बद से बदतर होती जा रही है उसके लिए कोई अनशन नहीं करता है करें भी क्यों क्यों की हमें आदत है शिक्षा का प्रमाण पत्र भी रिश्वत देकर लेने की जहाँ अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता हमारे पास तो धन का भंडार है ही एक प्रमाण पत्र भी खरीद लेंगे और लानत है देश के उन शिक्षकों पर जो पैसा लेकर प्रमाण पत्र बेचते हैं में भी एक समाज सेवक हूँ में जब भी कोई ग़रीब बच्चा देखता हूँ उसे स्कूल जाने के लिए उकसाता हूँ यदि उसके मा बाप नहीं भेजते हैं तो में उनपे दबाव बनता हूँ और कोई कहे कि फलाँ सरकारी स्कूल में स्कूल में दाखिला नहीं मिल रहा है तो मुझे 100 किलो मीटर भी जाना पड़े तो जाऊंगा लेकिन आप की सोच क्या है मैं तो भ्रस्ट रहूँगा, पर भ्रस्टाचार मिटना चाहिए
    आज कल जहाँ देखो हर जगह अन्ना , बाबा रामदेव और लोकपाल बिल छाया हुआ है|हर व्यक्ति चाहता है कि देश से भ्रस्टाचार ख़त्म हो, लेकिन अपने अंदर झाँक कर कोई भी नहीं देखना चाहता कि मैं भी कही ना कही भ्रस्ट हूँ| भ्रस्टाचार किसी एक , दो आदमी के आंदोलन या अनशन से ख़तम नही हो सकता, इसके लिए हर आदमी को जागरूक होना पड़ेगा| क्योंकि अगर देश मे भ्रस्टाचार है तो उसके लिए देश का हर नागरिक ज़िम्मेदार है |

  11. भाई साब ख्र्नार हमने भी आपका नाम सुना था ,आप एनी भी लड़ाई लारी तो क्यों बंद कर दी हिमत हाड गए थे न ,इतनी साडी anna की बुरे करके बोलते हो आप अन्ना क साथ हो ,लगता हाय कुछ जादा पडे लिकने से कुछ नहीं होता सिर्फ दम हिमत hona चाहिय

  12. यदि आप सोचते हैं कि भ्रस्टाचार. अन्ना के लोकपाल से रिश्वत लेना देना बंद हो जाएगी तो ये आपकी भूल होगी हमारे संविधान में लोकायुक्त पहले से ही है ऊपर से और २०० आदमी का मलाईदार पद सृजित करदो इसका बोझ किस पर पड़ेगा आप और हम पर अगर अन्ना को मांग करनी है तो ये करे देश में सब तरह की शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए शिक्षा का बाजारी करण बंद होना चाहिए देश में एक भी निजी स्कूल और कॉलेज नहीं होने चाहिए शिक्षा से सबको अपने अधिकारों मालूम होगा जब साक्षरता दर बढ़ेगी भ्रस्टाचार अपने आप ख़त्म हो जायेगा इसके लिए मेरा लेख पढ़िए. अगर एक मोटर साईकल वाला अगर जाम लगने पर पटरी पर चड़कर जायेगा तो सारे मोटर साईकल वाले भेड़ की तरह उसके पीछे हो लेंगे वैसे ही आप भी अन्ना के पीछे भाग रहे हैं अन्ना एक देश द्रोही है अन्ना के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जो घुमायेगा और भ्रस्टाचार चार ख़तम हो जायेगा अगर अन्ना सच्चा है तो बाबा राम देव के ब्लैक मनी लाने के मुद्दे को एक बार भी नहीं बोला जानते हो क्यों की अन्ना कांग्रेस का एक मोहरा है सिर्फ बाबा राम देव के मुद्दे ब्लैक मनी वाले को दवाने के लिए ड्रामा किया है सोनिया गाँधी आप क्या समझते हैं इलाज कराने गयी है नहीं वो स्विस बैंक वाले धन को ठिकाने लगाने गयी है स्विस बैंक जाकर देख लेना तारीख २३.०८.२०११. को ३५ लाख करोड़ रुपये का भिभ्न्य खतों मैं ट्रांफर हुआ है ये सिर्फ स्विस बैंक के रुपये को ठिकाने लगाने के लिए समय चाहिए था वो अन्ना ने दिलवा दिया और मैं ये भी बता देता की अब क्या होगा राहुल गाँधी किसी हीरो की तरह आयेंगे और सारी शर्तें मान लेंगे फिर कांग्रेस राहुल को प्रधान मंत्री के तौर पर पेश करेगी ये राजनीती है आपके समझ नहीं आएगी क्यों कि आप एक हिदुस्तानी भेड़ हो जो एक गडडे मैं गिरती है तो साड़ी गिरती हैं आप भूल गए क्या कि ये वोही अन्ना है जिसने नोर्थ इन्डियन को मार कर मुंबई से भगाने वाले राज ठाकरे को शावासी दी थी और कहा था कि तू मराठा है महारास्ट्र की रक्षा करेगा मार के भगा up और बिहारियों पंजावियों बंगालियों राजिस्थानियों हिमाचलियों को और आप झुन्जुना बजाते रहना जो अन्ना देकर जायेगा कांग्रेसियों ने रुपये निकालने थे निकाल लिए

    1. Bhaisaab aap padhe likhe malum hote hai. Aap ko lagta hai ki sirf padhai likhai se bhrashtachar khatm hoga. Aap khud se puchiye ki aapne kya apne pure jindagi me kabhi kisi pe chahe majburiwash hi kyu na ho ghus nahi di thi? samasya ye hai ki hum log khud to kuch karte nahi ulta koi kuch achha karna chahta hai to uski tang khichna apna param kartavya jarur samajte hai. Aapne fir kaha ki soniya ko swiss bank se money transfer karwane k liye Anna ne samay muhayya kara diya. Meri bat ka jawab de ki sal k 365 dino me vo kabhi b ye kam kar sakti thi apne bimari ka bahana banake. Aap uska kya bigad lete? soniya ne ye kam ab kiya to isme anna kaise kya uske madad gar sabit huye? bhai saab agar kisipe tika tippani karna ho to kuch b anap shanap Digvijay type ka bolke ki ja sakti hai. Aap thik yahi kar rahe hai.

  13. सरकार चाहे भाजपा की हो या फिर कांग्रेस की आंदोलनों एवं सच्ची बात को आज कोई भी आगे आने देना नहीं चाहता है. मध्यप्रदेश में जब मैंने आदिवासी समुदाय की रोजी रोटी के लिये आन्दोलन किया एवं मोरैना जिले के एक ग्राम *मरा* को “राम” नगर बनाने का प्रयोग किया जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार हमारे ही मुद्दे को राजनैतिक मुद्दा बनाकर सत्ता में आयी थी तो सबसे पहले मुझे टार्गेट बनाकर प्राणघातक हमला कराया गया जिसमे मेरा एक हाथ टूटा एवं कान का पर्दा फट गया था वर्ष २००२ में हमने दिल जोड़ो आन्दोलन रानी लक्ष्मी बाई की समाधि से शुरू किया था तब मेरे ऊपर कोई हमला नहीं हुआ उस समय सरकार दिग्विजय सिंह जी (कांग्रेस) की हुआ करती थी थी,

    गुजरात में जब भयंकर भूकंप आया था में स्वयं गुजरात पहुंचा तब अन्ना जी कपार्ट के अहमदाबाद में चेयरमेन थे श्री एस एच तेंदुलकर सदस्य सचिव हुआ करते थे अन्ना जी चेयरमेन होते हुए तब स्वागत करता की कुर्सी पर बैठा किया करते थे जहाँ एनजीओ प्रतिनिधियों का मुकाबला अन्ना जी से ही होता था दोपहर में कभी-कभी हम लोग ऑटो में बैठकर भोजन करने जाते थे उस समय अन्ना जी के नजदीक रहते हुए मैंने उनसे काफी कुछ ग्रहण किया लेकिन अन्ना जी जो वाटर शेड दिल्ली तथा कपार्ट अहमदाबाद के चेयरमेन होने के बाद भी उनके अधिनस्त बिना १०% कमीशन लिये कोई काम करने को तैयार नहीं होते थे अभी उनके साथ काम करने वाले बी आर सुमन एवं हिन्दुलकर जो मेरे नजदीकी मित्र हैं उन में से सुमन जी को जबरन सेवा निवृत्त किया गया पिछले दिनों उनको कैट से नौकरी पर पुन: रखने का आदेश हुआ लेकिन महानिदेशक ने उसे स्वीकार नहीं किया हमें अन्ना जी द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं का मूल्यांकन करके जनता के समक्ष उनकी क्षमताओं को समझाना नितांत आवश्यक हो जाता है अन्ना जी के कार्यकाल के बाद मेरे साथ काम करने वाले श्री बी मिश्रा को अन्ना जी के स्थान पर चेयरमेन नियुक्त किया गया जिन्होंने अनवरत छ; वर्ष तक काम किया वह आज अबार्ड में निदेशक हैं और में अबार्ड का कार्यकारणी सदस्य हिन्दूलकर जी भी अब गत ३१ मार्च को सेवा से निवृत्त हो गए हैं जिनका अभी तलक पूरा भुगतान नहीं हुआ है अब हमें चाहिए कि हम इन दोनों महानुभावों के किये गये कार्यों का सही-सही मूल्यांकन कर जनता के समक्ष परदे के पीछे की उस छूपी हुई सच्चाई को सामने लायें …..धन्यवाद ….जय हिंद l

  14. जी. आर. खैरनारजी आप के जैसा मुर्ख आदमी मैंने जिंदगी में नहीं देखा , शायद बचपन में आपने बीरबल की खिचड़ी यह कहानी नहीं पढ़ी है, जाकर उसे अब जरुर पढ़िए. शायद आप में उतनी बुद्धि बची हो की आप इस कहानी से कुछ सबक ले सके.
    हो सकता है की अन्ना विटामिन भरा पानी पि रहे हो. मैं आप को challenge करता हु आप विटामिन भरा पानी पि कर दो दिन रहकर दिखाए.

    1. बीरबल की खिचड़ी की कहानी का क्या मतलब यहां..? आपके कहने का मतलब है कि अन्ना ने वहां बन रहे खाने को सूंघ कर अपना स्वास्थ्य ठीक रखा? मुझे तो सबसे बड़े मूर्ख आप ही लगते हैं जो अन्ना कि तपस्या का इस कदर मजाक बना रहे हैं.

  15. 60% से ज़्यादा दलित युवाओं ने कहा (हाँ !! मैं .. अन्ना के साथ हूँ..)
    एक निजी दलितमत नाम की वेबसाइट जो खुद को dalit news portal होने का दावा करती है, उसके ताज़ा ऑन-लाइन सर्वेक्षण मे (जो अभी भी जारी है) मे, भारत देश के जागरूक, सवेदनशील, इंटरनेट यूज़र,60% दलित से ज़्यादा युवाओं ने कहा है की “मैं अन्ना के साथ हू.!!” ध्यान रहे की इस तरह का आश्चर्य जनक रिज़ल्ट. कुछ दलित विरोधी लोगो द्वारा दलितों को गुमराह करने वाले लेख के बाद भी आया है.. यह रिज़ल्ट इन दलित के गद्दार नेताओं के मुह पर नयी पीढ़ी का जोरदार तमाचा है.. जो इन युवाओं को बाँटने के लिए हर रोज नया ख़तरनाक राजनीतिक खेल खेलते है

    1. It is absolutely wrong to say that 60% dalits supporting Anna agitation! A few ignorant may there at Ramlila ground be fooled by the Caste Hindus. In rallies organized by BJP, Congress, RSS, VHP thousands of laborers are brought over there on the payment of their wages and wine. It is now an open secret that this whole nuisance has been created by the Caste-Hindus political and apolitical organizations lead by RSS and its accomplice organizations. So many RSS/BJP activists have approached our people (Rashtriya Joota Brigade) who denied of becoming part of their Game. On being pressure from Dalits, Mayawati is compelled to back track from her earlier statement of supporting Anna! Any congenital idiot from dalit, Muslims or you can say civil society may support an illiterate Anna!

  16. यदि ये ठीक हैं तो पब्लिक बेचारी बेवकूफ हैं और अगर नहीं तो भी ठीक ही हैं . हर बात वक़्त आने पर सब तश्वीर साफ़ हो जाती हैं अन्ना अनसन अगर संसद मैं पास होने तक रखते हैं या वक़्त से पहले ही ख़तम कर देते हैं . लड़ाई मैं सब जायज हैं . विजेता वो हैं जो लड़ाई जीत ले या जान दे दे न की हार जाए . आल इस वेल

    1. अगर एक मोटर सायकल वाला अगर जाम लगने पर पटरी पर चड़कर जायेगा तो सारे मोटर साईकल वाले भेड़ की तरह उसके पीछे हो लेंगे वैसे ही आप भी अन्ना के पीछे भाग रहे हैं अन्ना एक देश द्रोही है अन्ना के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जो घुमायेगा और भ्रस्टाचार चार ख़तम हो जायेगा अगर अन्ना सच्चा है तो बाबा राम देव के ब्लैक मनी लाने के मुद्दे को एक बार भी नहीं बोला जानते हो क्यों की अन्ना कांग्रेस का एक मोहरा है सिर्फ बाबा राम देव के मुद्दे ब्लैक मनी वाले को दवाने के लिए ड्रामा किया है सोनिया गाँधी आप क्या समझते हैं इलाज कराने गयी है नहीं वो स्विस बैंक वाले धन को ठिकाने लगाने गयी है स्विस बैंक जाकर देख लेना तारीख २३.०८.२०११. को ३५ लाख करोड़ रुपये का भिभ्न्य खतों मैं ट्रांफर हुआ है ये सिर्फ स्विस बैंक के रुपये को ठिकाने लगाने के लिए समय चाहिए था वो अन्ना ने दिलवा दिया और मैं ये भी बता देता की अब क्या होगा राहुल गाँधी किसी हीरो की तरह आयेंगे और सारी शर्तें मान लेंगे फिर कांग्रेस राहुल को प्रधान मंत्री के तौर पर पेश करेगी ये राजनीती है आपके समझ नहीं आएगी क्यों कि आप एक हिदुस्तानी भेड़ हो आप भोल गए क्या कि ये वोही अन्ना है जिसने नोर्थ इन्डियन को मर कर मुंबई से भागने वाले राज ठाकरे को शावाशाई दी थी और कहा था कि मराठा है महारास्ट्र की रक्षा करेगा और आप झुन्जुना बजत्ये रहना जो अन्ना देकर जायेगा

        1. uday sagar का कहना है:

          मोहित जी मॅ आपकी बातों से पता चलता है कि आप भी एक भारतीय भेड़ है जो इनके पीछे भाग रहे हैं अन्ना के पास कोई जादू की छडी नहीं है या जो आदमी लोकपाल बनेगा क्या वो जादूगर होगा भाई साहब और कुछ नहीं होगा 200 लोग और हराम की खाने के लिए हमारे संसद के सिर पर बैठ जायेंगे ये इनका ड्रामा है कांग्रेस का मिला जुला बाबा राम देव का ब्लैक मनी वाला मुद्दा दबाने तथा स्विस बैंक से पैसा गायब मिल जाएगा यदि अन्ना जैसे लोग देश के वफ़ादार हो ही नहीं सकते आप शायद भूल रहें है देश के गधार राज ठाकरे को उत्तर भारतीयों को महारास्ट्रा से मार भगाने पर शाबासी दी थी ये वो ही अन्ना है मेरे देश की जनता अगर वाकई में भ्रष्टाचार मिटाना चाहती तो जनता को माँग करनी चाहिए शिक्षा की यानी देश में शिक्षा का बाज़ारी करण बंद होना चाहिए देश में एक भी स्कूल कॉलेज प्राइवेट नहीं होने चाहिए नर्सरी से लेकर उच्च उच्चतम हाई से भी हाई शिक्षा मुफ़्त होनी चाहिए जब पूरा देश शिक्षित होगा तो सबको अपने अधिकारों का पता होगा तो भ्रष्टाचार अपने आप ही ख़तम हो जाएगा नहीं तो उदारहण के यूरोपियन देशों को देखलो वहाँ साक्षरता दर 100% है और भ्रष्टाचार 10% वो भी उँचे पैमाने पर अच्छा एक बात बताओ आज से 30 साल पहले कभी सुना था की किसी एसीपी डीसीपी आईजी डीआईजी आईएस आईपीएस अधिकारी या कोई मंत्री संतरी सिपाही हवलदार या नेता राजनेता अभिनेता एसडीम डीएम को जेल जाते देखा था नहीं ना लेकिन अब सब जेल जा रहे रहे हैं आज जेलों में 35 प्रतिशत जनशनख्या इन्ही लोगों की है ये सब कैसे हुआ जागरूकता की वजह से और जागरूकता कहाँ से आई अरे भाई शिक्षा से
          आज सरकारी स्कूलों की जो हालत बद से बदतर होती जा रही है उसके लिए कोई अनशन नहीं करता है करें भी क्यों क्यों की हमें आदत है शिक्षा का प्रमाण पत्र भी रिश्वत देकर लेने की जहाँ अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता हमारे पास तो धन का भंडार है ही एक प्रमाण पत्र भी खरीद लेंगे और लानत है देश के उन शिक्षकों पर जो पैसा लेकर प्रमाण पत्र बेचते हैं में भी एक समाज सेवक हूँ में जब भी कोई ग़रीब बच्चा देखता हूँ उसे स्कूल जाने के लिए उकसाता हूँ यदि उसके मा बाप नहीं भेजते हैं तो में उनपे दबाव बनता हूँ और कोई कहे कि फलाँ सरकारी स्कूल में स्कूल में दाखिला नहीं मिल रहा है तो मुझे 100 किलो मीटर भी जाना पड़े तो जाऊंगा लेकिन आप की सोच क्या है मैं तो भ्रस्ट रहूँगा, पर भ्रस्टाचार मिटना चाहिए
          आज कल जहाँ देखो हर जगह अन्ना , बाबा रामदेव और लोकपाल बिल छाया हुआ है|हर व्यक्ति चाहता है कि देश से भ्रस्टाचार ख़त्म हो, लेकिन अपने अंदर झाँक कर कोई भी नहीं देखना चाहता कि मैं भी कही ना कही भ्रस्ट हूँ| भ्रस्टाचार किसी एक , दो आदमी के आंदोलन या अनशन से ख़तम नही हो सकता, इसके लिए हर आदमी को जागरूक होना पड़ेगा| क्योंकि अगर देश मे भ्रस्टाचार है तो उसके लिए देश का हर नागरिक ज़िम्मेदार है |

          जब एक सरकारी दफ़्तर में हमारा काम रुक जाता है, तो हम सोचते चलो कुछ पैसे दे देते हैं काम तो जल्दी हो जाएगा यहाँ के चक्कर तो नही लगाने पड़ेंगे, और हमारा समय भी बच जाएगा|हर व्यक्ति चाहता है कि देश से भ्रस्टाचार ख़त्म हो लेकिन अपने अंदर के भ्रस्ट इंसान को ख़त्म नही करना चाहते| अगर हम ये सोच रहे कि बाबा रामदेव और अन्ना भ्रस्टाचार को ख़त्म कर देंगे, तो ये हमरी सोच ग़लत है| इन लोगो के पास कोई जादू की छड़ी नही है कि जिसको ये ले घुमाएँगे और भ्रस्टाचार ख़त्म हो जाएगा ये लोग भी एक आम इंसान कि तरह है, बस अंतर इतना है की पहला कदम इन्होंने बढ़ाया है मंज़िल अभी बाकी है|
          हर राजनीतिक पार्टी इस मुद्दे को बढ़ चढ़कर भुनाने मे लगी हुई है, लेकिन हम लोगो को ये नही भूलना चाहिए कि ये लोग भी उन्ही नेता लोगो मे से एक है, ये लोग केवल राजनीति करते है ना कि जनता के हित के बारे मे सोचते है, इन लोगो का राजनीति मे आने का मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना होता और इनको पता होता है की पैसा कमाने का सबसे बढ़िया तरीका राजनीति के अलावा और कहीं नही. इसलिए में तो ये कहूँगा कि हर आदमी को रामदेव और अन्ना बनना पड़ेगा, तो ही इस देश का कुछ हो सकता है|
          इसलिए मैं बदलूँगा तो देश बदलेगा|

  17. Mai sirf ye kahna chahta hu k, agar koi aadmi waha dus din tak bhuka baitha hai to ye baat kaunsa scientist kahta hai k aadmi vitamin khake recover kar leta hai. Are murkho kabi kabi apna dimag laga liya karo. Aur dusro pe aarop lagane se pahle apna record delh lo. Agar tum log desh k liye kuch kar nai sakte to chup chap ghar pe baithe raho. Tum jaiso ki desh ko koi jarurat b nai aur umeed b nai.

    1. कौन सा पानी विटामिन मिला हुआ आता है कोई मुझे ये बताये, मुझे उम्मीद है के ये मिनेरल वाटर की ही बात कर रहे होंगे. खैरनार साहब अन्ना जी ने एक गाँव तो सुपर गाँव बना ही दिया आपने क्या किया है आज तक जरा वो बताने का कष्ट करे. और चलो मन भी लिया के विटामिन मिला पानी पीते हैं लेकिन फिर भी वो ११ दिन से बिना अन्न और फल आदि के एक ही जगह पर ११ दिनों से बैठे है. आप मैं हिमात है तो आप भी अन्नाशन कर के दिखाएँ

      1. आपकी जानकारी के लिए खैरनार साहब ने किसी गांव का नही बल्कि मुंबई जैसे महानगर का उद्धार किया है। इन्होने गैरकानुनी इमारते तोडते हुए यह तक नही देखा की क्या वह दाउद की तो नही है। इन्होने शरद पवार जैसे बड़े नेता तक के दुश्मनी मोड ली। इनकी बातें हलके में ना ले। ६ महिने पहले तक इनकी इज्जत अण्णा के मुकाबले काफी ज्यादा थी महाराष्ट्र में।

      2. क्या आप अन्ना के गाँव गए है में गया हूँ आपने मीडिया में देखा होगा मैंने आँखों से देखा है कोई सुपर गाँव नहीं है हाँ आप हिटलर का गाँव कह सकते है नहीं तो जाइये देखिये पूछिए ग्राम प्रधान से कि अन्ना सेवक है या हिटलर

  18. जी.आर .खैरनार का नाम महाराष्ट्र में भ्रष्टचार बिरोधी के रूप में लिया जाता है..कमिश्नर रहते हुए उन्होंने बहूत कार्य किया .अन्ना के बारे में उनका बयां सही प्रतीत होता है…अन्ना को जिस तरह से मीडिया गाँधी बना रहा है …. वह वास्तविकता से काफी दूर है……….अन्ना और उनकी टीम अगर इमानदार है तो सभी लोग अपनी निजी और उनके एन.जी.ओ. का पिछला दस साल का रिकॉर्ड देश की जनता के सामने पेश करे….सच्चाई सामने अ जाएगी…….

      1. “मित्रों, बाबा रामदेव से जबरदस्त खतरा है. इस खतरे से बचाव के लिये कुछ भी किया जा सकता है.”
        बाबा ने अन्ना जी को रामलीला मैदान में आमंत्रित किया था लेकिन अन्नाजी जाने किस मुहूर्त के चक्कर में नहीं पहुँच पाये?
        यह बाबा की विशालहृदयता है कि उन्हें तो सिर्फ यह दिखाई देता है कि जैसे भी, जिस किसी के माध्यम से भी, लक्ष्य की पूर्ति होना चाहिये, अतः जब मीडिया ने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि क्या आपने १६ अगस्त स…े शुरू होने वाले ‘अन्ना-अनशन’ में स्वामी रामदेवजी को भी बुलाया है? तब अरविंद केजरीवाल के यह कहने के बाबजूद भी कि यह कोई किसी की शादी हो रही है जो आमंत्रण भेजा जावे? बाबजूद इसके ‘बाबा’, अन्ना-मिशन को दिलोजान से सपोर्ट करने हेतु, बिना बुलाये ही तिहाड़ पहुँच गये.
        बाबा आज भी हर उस राष्ट्रभक्त का, जो भृष्टाचार विरोधी मुहिम में सहयोग देना चाहता है, तहेदिल से warm welcome करते हैं. जबकि अन्ना आज भी बाबा को इस मिशन हेतु अपने साथ मंच पर बैठने के लिये मना कर रहे हैं.
        जहाँ एक ओर बाबा रोज इस मिशन की पूर्ति को ध्यान में रखते हुये अन्ना की हौसलाफजाई कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर अन्ना के मुँह से या तो बाबा का नाम निकल ही नहीं रहा है और अगर निकलता भी है तो इन शब्दों के साथ कि हम बाबा की तरह भागने वालों में से नहीं हैं, मित्रों, ऐसी टिप्पणियाँ किस ओर इंगित करती हैं?
        जहाँ तक मीडिया का सवाल है तो यह बात सभी को जगजाहिर है कि क्या तो ४ जून को? और क्या तो आगे? और क्या तो पीछे? और क्या तो आज? यह मौजूदा देश का दुर्भाग्य है कि बाबा की मुहिम के लिये मीडिया के पास मात्र चंद सैकिंड्स या चंद मिनिट्स ही होते हैं और वो भी अभद्र भाषा के साथ बाबा को ‘ठग’ निरूपित करने के लिये. खैर ९० से ९५ प्रतिशत मीडिया तो भ्रष्ट काँग्रेस का ‘पला-पुषा’ है.
        मित्रों, मैं यह पुनः दोहराता हूँ कि इस समय बात बाबा बनाम अन्ना की नहीं है. बात इस समय भ्रष्टाचार के खात्मे जैसे मुद्दे की है बात व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन जैसे मुख्य मुद्दे की है. काँग्रेस ने इस समय परोक्ष रूप से बाबा व बाबा के मिशन को राष्ट्रपटल से दूर रखने का game plan रचा है. अब यह अलग की बात है कि देश का yooth/युवाशक्ति व अधिकाँश देशवासी और हो सकता है कि स्वयं अन्नाजी भी, इस चीज को समझ नहीं पा रहे हैं.
        मित्रों, ध्यान रखो भृष्टाचार व व्यवस्था परिवर्तन के इस खतरनाक युद्ध में काँग्रेस को अगर किसी से जबरदस्त खतरा है तो वह स्वामी रामदेवजी से है न कि अन्ना हजारेजी से. अतः एक अकेले ‘अन्ना-तीर’ को परोक्ष व अपरोक्ष रूप से अपने तरकश में थामे रखने से काँग्रेस को अनेक निशाने सधते व भिदते नजर आ रहे हैं.और आगे देखें

      1. और मोटा हो गया है देश द्रोही अगर एक मोटर सायकल वाला अगर जाम लगने पर पटरी पर चड़कर जायेगा तो सारे मोटर साईकल वाले भेड़ की तरह उसके पीछे हो लेंगे वैसे ही आप भी अन्ना के पीछे भाग रहे हैं अन्ना एक देश द्रोही है अन्ना के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जो घुमायेगा और भ्रस्टाचार चार ख़तम हो जायेगा अगर अन्ना सच्चा है तो बाबा राम देव के ब्लैक मनी लाने के मुद्दे को एक बार भी नहीं बोला जानते हो क्यों की अन्ना कांग्रेस का एक मोहरा है सिर्फ बाबा राम देव के मुद्दे ब्लैक मनी वाले को दवाने के लिए ड्रामा किया है सोनिया गाँधी आप क्या समझते हैं इलाज कराने गयी है नहीं वो स्विस बैंक वाले धन को ठिकाने लगाने गयी है स्विस बैंक जाकर देख लेना तारीख २३.०८.२०११. को ३५ लाख करोड़ रुपये का भिभ्न्य खतों मैं ट्रांफर हुआ है ये सिर्फ स्विस बैंक के रुपये को ठिकाने लगाने के लिए समय चाहिए था वो अन्ना ने दिलवा दिया और मैं ये भी बता देता की अब क्या होगा राहुल गाँधी किसी हीरो की तरह आयेंगे और सारी शर्तें मान लेंगे फिर कांग्रेस राहुल को प्रधान मंत्री के तौर पर पेश करेगी ये राजनीती है आपके समझ नहीं आएगी क्यों कि आप एक हिदुस्तानी भेड़ हो आप भोल गए क्या कि ये वोही अन्ना है जिसने नोर्थ इन्डियन को मर कर मुंबई से भागने वाले राज ठाकरे को शावाशाई दी थी और कहा था कि मराठा है महारास्ट्र की रक्षा करेगा और आप झुन्जुना बजत्ये रहना जो अन्ना देकर जायेगा

        1. मै खुद अण्णा के गाँव गया हुँ, वहा शराब तंबाकु और नशे का कोई सामान नही मिलता, नशे के आदी लोगही अण्णा को हिटलर कहते है।
          और ये बार बार राज ठाकरे का नाम लेने का क्या मतलब बिहार मेँ आप जैसे पढे लिखे लोग है तो बिहार का विकास करो।
          अपना घर साफ सुथरा हो ये सोचना गलत नही, टॉपिक छोडके कुछ भी अनाप शनाप बकबक कर रहे हो।

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