इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अन्ना हजारे के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर की गई अपनी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त किया है। लेकिन अन्ना हजारे के वकील मिलिंद पवार का कहना है कि अन्ना की ओर से अगले हफ्ते पुणे के कोर्ट में तिवारी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया जाएगा।

गुरुवार को संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में तिवारी ने कहा, “राजनीतिक संवाद के दौरान कई बार ऐसी बातें कही जाती हैं, जिससे अनजाने में भावनाएं आहत हो जाती हैं, तकलीफ या पीड़ा होती है। मुझे मालूम है कि हाल की मेरी बातों ने अन्ना हजारे को पीड़ा पहुंचाई है। उनसे मैं कहना चाहूंगा कि मुझे इसका दु:ख है।”

गौरतलब है कि मनीष तिवारी ने 14 अगस्त को न्यायमूर्ति पी. बी. सावंत आयोग की रिपोर्ट (जिसे बाद में उपरी अदालत ने खारिज़ कर दिया था) का हवाला देते हुए बड़े ही अभद्र तरीके से कहा था कि अन्ना ‘सिर से पावं’ तक भ्रष्टाचार में डूबे हैं। इस बयान की कांग्रेस में भी आलोचना हुई थी।

खास बात यह रही कि 14 अगस्त को तिवारी ने अपना बयान हिन्दी में दिया था जबकि 25 अगस्त को रिग्रेट पेश करते समय उन्होंने अंग्रेजी के बहुत सधे हुए शब्दों का प्रयोग किया। ‘ रिग्रेट’ यानि अफसोस जताने से पहले भी मनीष ने अंग्रेजी में ही इस बात की भूमिका भी बनाई। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बातों से अन्ना को ठेस पहुंची है तो उन्हें अफसोस है।

यह था विवादित बयान

”हम किशन बाबू राव हजारे उर्फ अन्ना से पूछना चाहते हैं कि कि तुम किस मुंह से भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन की बात करते हो। ऊपर से नीचे तक तुम भ्रष्टाचार से लिप्त हो।”

अन्ना समर्थकों ने तिवारी तक अपना विरोध पहुंचाने का नया व हाइटेक फार्मूला ढूंढ लिया था। उन्होंने तिवारी पर फेसबुक व एसएमएस अटैक कर दिया और तिवारी पर माफी मांगने के लिए नैतिक दबाव बनाया। इंडिया अगेनस्ट करप्शन व युनाइटेड यूथ ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने फेसबुक पर बुधवार को ‘मनीष तिवारी जी से सॉरी टू अन्ना एंड होल इंडिया’ नाम से पेज बना दिया, जिस पर अन्ना हजारे के समर्थक अपने कमेंट दे रहे हैं।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
No tags for this post.

By admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

4 thoughts on “मनीष तिवारी ने हिन्दी में कोसा था… अंग्रेजी में कहा, ”I regret..” लेकिन टीम अन्ना ने नहीं दी माफ़ी”
  1. मनीष तिवारी का प्रोपर्टी का बारेमे जाँच होना चाहीये. ब्याक्तिगत wealth accumulation में restriction होना वि चाहीये. ब्याक्तिगत सम्पति २०० करोड़ तक सीमित होना वि चाहीये.

  2. असल में तो तिवारी ने पार्टी की तरफ से सभी बाते कही थी. कांग्रेश को माफ़ी मांगने की ज्यादा जरुरत हे . कांग्रेश गद्धारो की पार्टी हे और इसका अंत एकदम नजदीक हे. जनता नहीं हटाएगी ये सभी राक्षस आपस में लड़कर नस्त होने वाले हे. जनता तो लगता हे विक्षिप्त हे जिसको जगाने के लिए बाबा रामदेव जैसे ऋषि रत दिन लगे हुवे हे .

  3. यदि मनीष तिवारी ने माफ़ी मांग ली है तो अन्ना टीम को उन्हें माफ़ कर देना चाहिए क्योंकि अन्ना टीम तो देशभक्त लोगो की टीम है.

    1. Bilkul muaf nahi karna chahiye kyuki deshbhakton aur sabhya logo se galati ho to unhe muafi di ja sakti h bt manish tiwari jaise shakhson ko nahi.

Leave a Reply to paras Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

×

फेसबुक पर पसंद कीजिये

Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son