टीम अन्ना ने कहा, “विन-विन है सरकार से डील”, बीमार हज़ारे ने कहा, “अभी नहीं लगवाउंगा ड्रिप”

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आखिर वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। टीम अन्ना के कुछ सदस्य वित्त मंत्री प्रणब मुखर्ज़ी से मिले और वापस लौट कर उन्होंने सरकार की तारीफों के पुल बांध दिए। अरविंद केज़रीवाल, किरण बेदी और प्रशांत भूषण मंच पर आए और कहा, “सरकार हमारी मांगों के प्रति गंभीर दिखी। उम्मीद है आज रात में ही हल निकल जाएगा।”

अन्ना हज़ारे: मुझे मौत से डर नहीं

बारी-बारी बोलते हुए तीनों ने बताया कि सरकार ने उनकी लगभग सभी मुख्य मांगो पर तवज्ज़ो देने का आश्वासन दिया है। कल तक सरकार के खिलाफ ‘वोकल’ बनकर टीवी चैनलों पर लंबे-लंबे बयान देने वाले सभी सदस्य बेहद ‘मीठे’ और सरकार के पक्षधर लगे। बताया जाता है कि टीम अन्ना के सदस्य आठ मांगें लेकर प्रणब के  पास गए थे जहां उन्हें प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में शामिल करने का आश्वासन तो मिला ही, साथ ही अन्य चार मांगों पर भी विचार करने का भरोसा दिया गया है।

हालांकि न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में लाने तथा सीबीआई के अधिकार तय करने की दिशा में ठोस रूपरेखा भी तैयार करने के बारे कोई आश्वासन तक नहीं मिला है, लेकिन टीम अन्ना ने कहा कि सरकार उनकी पांच मांगें मान चुकी है और बाकी तीन भी जल्दी ही मान लेगी। सरकार ने कहा है कि न्यायपालिका के लिए एक अलग कानून बनाया जाएगा।

उधर सेहत में आ रही गिरावट के बावजूद अन्ना हजारे ने ग्लूकोज़ की ड्रिप लगवाने से साफ इंकार कर दिया है। पिछले आठ दिनों से अनशन पर बैठे अन्ना मंगलवार रात एक बार फिर मंच पर आए और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि डाक्टरों की सलाह के बावजूद उनकी अंतरात्मा उन्हें ड्रिप चढ़वाने की इजाजत नहीं दे रही है।

उन्होंने अनशन स्थल पर मौज़ूद अपने समर्थकों से कहा कि उनकी खराब सेहत की सूचना के बाद अगर सरकार अपने लोगों को भेजे और उन्हें जबर्दस्ती ले जाने का प्रयास करने लगें तो सब लोग गेट पर खड़े हो जाएं। हालांकि उन्होंने अपने अनुयायियों से शांति और अहिंसा का ध्यान रखने और किसी को भी तकलीफ न पहुंचाने की भी अपील की।

इससे पहले हजारे की देखभाल कर रहे डॉक्टर नरेश त्रेहन रात करीब आठ बजे उनके स्वास्थ्य की जांच करने पहुंचे और इसके बाद बताया कि अन्ना की सेहत बिगड़ रही है। त्रेहन के मुताबिक उन्होंने अन्ना को अस्पताल ले जाने की सलाह दी है, लेकिन वे मान नहीं रहे।

डॉक्टर त्रेहन ने कहा कि अन्ना हजारे रामलीला मैदान में ही अपने समर्थकों के बीच रहना चाहते हैं। डॉक्टर त्रेहन ने बताया कि कमजोरी की वजह से आज रात अन्ना को ड्रिप लगाई जा सकती है और सुबह जांच के बाद देखेंगे कि क्या स्थिति है। इस बीच रामलीला मैदान में लोगों ने हजारे की सलामती के लिए प्रार्थना की।

अन्ना ने कहा कि डाक्टर नरेश त्रेहन और उनके सहयोगी मेरी सेहत की पूरी चिंता कर रहे हैं और दोपहर में उन्होंने सलाह दी थी कि किडनी में थोड़ी समस्या आ जाने के कारण ड्रिप चढानी होगी लेकिन मेरी अंतरात्मा कह रही है कि अगर समाज के लिए जीने मरने की बात की है तो मरने से क्या डरना। हज़ारे ने कहा कि अगर मेरी किडनी फेल भी हो जाए तो इतने हजारों लोग हैं कोई भी मुझे किडनी दे देगा। उन्होंने कहा कि मैं मर भी गया तो क्या, कितने अन्ना खड़े हो जाएंगे।

हजारे के करीबी सहयोगी मनीष सिसौदिया ने संवाददाताओं से कहा कि 16 अगस्त से शुरू हुए अनशन के आठवें दिन तक अन्ना का वजन 5.6 किलोग्राम कम हुआ है। वह कमजोर महसूस कर रहे हैं लेकिन कोई परेशानी नहीं है।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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  1. आखिर वही हुआ जो होना था वित्त मंत्री के साथ बैठने के बाद आखिर हल हो गयी समस्या ………..वाह राजनीती वाह……….बस इसी सौदेबाजी के लिए सब कुछ हो रहा था……आखिर टीम के सब लोग एन.जी.ओ. चलाते है ….. वो भी क्या करे ………ये जनता है की कुछ समझने के लिए तैयार नहीं है. धन्यवाद् मीडिया दरबार…..

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