Home फिल्मी अंदाज़ में मोबाईल टावर पर चढ़ा युवक

फिल्मी अंदाज़ में मोबाईल टावर पर चढ़ा युवक

-जैसलमेर से मनीष रामदेव ||
जैसलमेर जिले में लग रहे पवन उर्जा संयत्रों के विरोध में गुरूवार को जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर पूनमनगर गांव में एक युवक मोबाईल टावर पर चढ गया और क्षेत्र में लग रहे पवन उर्जा संयत्रों का विरोध करने लगा। गांव के बीचो बीच स्थित इस मोबाईल टावर पर चढे युवक की मांग थी कि उनके गांव के आस पास की जमीनों को पवन उर्जा कंपनियों को आवंटित किया जा रहा है जबकि गांव में भूमिहीन किसान रह रहे हैं उनकी ओर प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है साथ कंपनी को आवंटित जमीनों के सेवण घांस का क्षेत्र होने के कारण भी ग्रामीण अपने पशुधन को mobile towerलेकर चितिंत है और इसी के विरोध में आज यह युवक मोबाईल टावर पर चढ कर अपना विरोध दर्ज करवा रहा है।
परेशान हुआ प्रशासन-
स्थानीय पूनम नगर जो कि जैसलमेर के विधायक छोटूसिंह भाटी का गांव है के आसपास के क्षेत्र में पवन उर्जा कंपनियों द्वारा पंखे स्थापित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा प्रशासन द्वारा कंपनियों को की गई जमीनों के आवंटन को गलत बताते हुए सेवण घांस के क्षेत्र में जमीने आवंटित करने का आरोप लगाया गया था और इसी को लेकर ग्रामीण पिछले डेढ माह से जिला कलक्टर कार्यालय के आगे धरने पर बैठे थे।
आज जब इस गांव में प्रशासन गांवों के संग शिविर का आयेाजन प्रशासन द्वारा किया गया तो ग्रामीणों ने शिविर का बहिष्कार करते हुए पहले ग्रामीणों की मांगों पर वाजिब कार्यवाही करने की बात कही इसी बीच गांव का एक 35 वर्षीय युवक नबू खां शिविर स्थल के पास स्थित मोबाईल टावर पर चढ गया और मांगे पूरी नहीं होने तक नीचे नहीं आने की धमकी प्रशासन को देता रहा।
इस घटना के बाद सकते में आये प्रशासन व शिविर प्रभारी ने इस युवक को समझाने का प्रयास किया लेकिन इसको नहीं मानते देख जिला मुख्यालय पर इसकी सूचना भेजी गई जहां पर जिला कलक्टर श्रीमती शुचि त्यागी ने अतिरिक्त जिला कलक्टर परशुराम धानका को मौके पर भेजा वहीं पुलिस द्वारा भी त्वरित कार्यवाही की गई जिसमें डिप्टी पुलिस शायरसिंह, रामगढ थानाधिकारी मुकेश चावडा सहित पुलिस जाप्ता भी मौके पर पहुंचा। पुलिस, प्रशासन व स्थानीय विधायक के साथ ग्रामीणों से समझाईश कर युवक को उतारने के लिये राजी किया गया लेकिन उंचाई अधिक होने के कारण प्रशासन ने बीएसएफ की रेस्क्यू टीक को मौके पर बुलवाया गया।
एक के चक्कर में दूसरा भी फंसा-
पूनमनगर में करीब 12 बजे मोबाईल टावर पर चढे नबू खा को उतारने के लिये प्रशसन व ग्रामीणों द्वारा पूरी मशक्कत की गई लेकिन चढने के बाद उपर से नीचे देखने पर चक्कर आने की स्थिति को देख नबू खां घबरा गया और नीचे उतरने की हिम्मत हार गया, डर पर भय के चलते नबू उपर ही बेहोश हो गया जिस पर ग्रामीणों को इसकी जान की चिन्ता हुई तो एक और उत्साही ग्रामीण उपर चढ गया जो कि पानी की बोतल साथ लेकर गया ताकि नबू खां को पानी पिला कर हिम्मत के साथ नीचे उतारे लेकिन उपर जाने के बाद उसकी हालत भी पहले युवक जैसी हो गई ऐसे में एक जान को लेकर चिन्तित जिला प्रशासन व पुलिस के लिये ये नया सिरदर्द हो गया।
शिविर की निकली हवा-
पूनमनगर में लगाया गया प्रशासन गांवों के संग शिविर  मोबाईल टावर प्रकरण की भेंट चढ गया। शिविर में जहां प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिये व्यवस्थाएं की थी वहीं इस युवक के मोबाईल टावर  में चढने के बाद शिविर में उपस्थित अधिकारी कर्मचारी व ग्रामीण शिविर से हट कर इस युवक से समझाईश में उलझते दिखाई दिये और शिविर बेनतीजा ही रहा।
पुलिस ने भी की मशक्कत-
घटना स्थल पर उपस्थित रामगढ थानाधिकारी मुकेश चावडा भी इस युवक को समझाने का प्रयास करते दिखाई दिये लेकिन समझाईश बेनतीजा रही। जिला मुख्यालय से डिप्टी पुलिस शायरसिंह के मौके पर आने के बाद इस युवक के परिजनों व ग्रामीणों को समझाया गया और युवक को उतारने की कार्यवाही की गई।
देर शाम के बाद उतारा गया दोनो युवकों को-
मोबाईल टावर पर चढे दोनो युवकों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिये प्रषासन द्वारा जहां बीएसएफ की रेस्क्यू टीमों को बुलावा भेजा गया था वहीं बीएसएनएल व वोडाफोन के स्थानीय कार्मिकों को जो कि इन टावरों की देखरेख का कार्य करते हैं को भी बुलवाया गया था। लेकिन मौके पर पहले पहुंचे बीएसएनएल व वोडाफोन के कार्मिकों ने तत्परता दिखाते हुए सेफ्टिी बैल्ट की सहायता से दोनो ही युवकों को सकुषल नीचे उतार दिया जिसमें पहले चढे नबू खां की हालत खराब होने के चलते उसे जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहिर चिकित्सलय पर में भर्ती करवाया गया हैं जहां पर चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
छोटूसिंह भाटी ने कहा-
इस सारे प्रकरण में ग्रामीणों व मोबाईल पर चढने वाले युवक का साथ देते हुए जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि सरकार ग्रामीणों की जमीनों का हक कंपनियों के हाथों में बेच रही है ऐसे में भूख मरने को विवश ग्रामीणों के पास विरोध करने के अलावा और कोई चारा शेष नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि जब जिला मुख्यालय पर पिछले डेढ माह से धरना चल रहा था तो प्रशासन को शिविर के लिये विशेष सुरक्षा इंतजाम करवाने चाहिये थे।

Facebook Comments
(Visited 2 times, 1 visits today)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.