बेटी पैदा होने की बड़ी सजा…

admin
Read Time:4 Minute, 9 Second

-सिकंदर शैख़||

पीढियों से ही बेटियों को पैदा होते ही म़ार देने की परम्परा करने वाले जैसलमेर के  एक जाति विशेष समुदाय अब बेटी बचाओ आन्दोलन और हाल ही बेटियों  को पैदा होते ही मारने पर मामलों में पुलिस कारवाही के बाद पैदा हुए खौफ़ के बाद अब इन बेटियों को मारने के बजाए कलयुगी माता पिता बेटियों को पैदा होते ही जिन्दा फेक रहे है ताकि बेटिया अपने आप ही मार जाए ताजा मामला है राजस्थान के जैसलमेर का है न जैसलमेर के मोहनगढ गांव में एक मां ने अपनी ममता को ज़ार ज़ार कर कलंकित कर दिया है. मां के आंचल की छांव से दुनिया में कदम रखने वाली इस बदनसीब बच्ची को मिल रहा है पुलिस व चिकित्सकों का साथ क्योंकि शायद इसकी मां को इसकी जरूरत नहीं है.beti

कहते हैं कि मां के दिल का कोई पैमाना नहीं होता है जो समन्दर से भी गहरा और आसमान से भी अधिक पसरा होता है और उसमें भरा होता है अपनी औलाद के लिये असीम प्यार, जी हां मामला है जैसलमेर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर मोहनगढ कस्बे का जहां पर करीब दो दिन पहले गांव के पास ही स्थित हनुमान जी के मंदिर के पास इस मंदिर के पुजारी प्रमोद शर्मा को एक नवजात बच्ची मिली थी. मासूम बच्ची को लावारिस पडा देख इस पुजारी का मन पसीज गया और इसने इस बच्ची को अपने पास रख लिया ताकि सही देखभाल कर इसकी जान बचाई जा सके साथ ही पुजारी ने दो दिनों तक गांव में पूछताछ कर इस बच्ची के मां बाप को ढूंढने का प्रयास भी किया लेकिन जब कोई नहीं मिला तब हार कर यह पुजारी पुलिस के पास पहुंचा और मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने बताया कि पुजारी द्वारा दी गई रिपोर्ट के साथ बच्ची को पुलिस के कब्जे में लिया गया जहां से इसे मोहनगढ उपस्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिये ले गये.

चिकित्सकों द्वारा इस बच्ची की जांच के बाद इसे जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहिर चिकित्सालय लाया गया जहां पर बाल चिकित्सक इसका इलाज कर रहे हैं. पुलिस के अनुसार इस बच्ची की कस्टडी उन्होंने राजकीय जवाहिर चिकित्सालय को दे दी है जहां से उपचार के बाद चाईल्ड लाईन द्वारा बाल विकास समिति के माध्यम से इस बच्ची को उपयुक्त बाल एवं  शिशु गृह में भिजवाया जायेगा.

आज के इस कलयुग में जहां इन्सान एक अदद औलाद के लिए तरस रहा है वहीँ इस तरह अपने जिगर के टुकड़े को यूँ मंदिर के आगे फेंक जाना इंसानियत को तार तार कर देने वाली घटना है, इस मासूम खूबसूरत बच्ची का क्या कुसूर रहा की उसने दुनिया में अपना पहल कदम बिना माँ बाप के गुज़ारा है,कहते हैं की ” कोई तो मजबूरी रही होगी वरना यूँ ही कोई बेवफा नहीं होता , मगर क्या ंमजबूरी  रही होगी जो इस मासूम को इस कदर छोड़ गया, खेर कोई तो हाथ आगे आयेगा  और इस बच्ची को अपने घर ले जाएगा , मगर ये बच्ची बड़ी होकर शायद अपने माँ बाप को  माफ़ ना कर पाए.

0 0

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments
No tags for this post.

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

तो क्या पी.सी.ज्वैलर्स से ऑपरेट होता था सैक्स रैकेट का कारोबार...?

-नारायण परगाई|| देहरादून. देहरादून में पकड़ा गया अब तक का सबसे बड़ा सैक्स रैकेट जाने माने पी.सी.ज्वैलर्स के यहाँ से संचालित हो रहा था लेकिन पुलिस की थ्योरी मे इस नाम को बेपर्दा होने से इसलिए बचा लिया क्योकि इसमें बड़े कई बड़े सफेद पोश नेताओ के दामन दागदार थे. […]
Facebook
%d bloggers like this: