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न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया का 20वां राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

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न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के द्वारा पत्रकारिता व सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र मे, एनएआई पुरस्कार 2012 के लिए न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया का 20वां राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न दिल्ली के कांस्टीटयुशन क्लब में शनिवार 29 दिसम्बर को आयोजित किया गया।DSC_0453 copy
न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया ने भारत के पत्रकारों व समाज सेविओं को आमंत्रित किया जिनका सहयोग भारत को विकासशील और प्रगतिशील बनाने मे रहा है और उन कार्यों को लेख , समाचारपत्र , वीडियो, तस्वीरों , सामाजिक गतिविधियों, द्वारा प्रकाशित व प्रसारित किया व कृषि व ग्रामीण विकास के कार्यों मे अपना सहयोग दिया। हर साल की तरह इस साल भी न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया ने  भारत के पत्रकारों व समाज सेवियों को पुरुस्कार से सम्मानित किया। न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया २०  सालों से पत्रकारों की सेवा करने व उनकी समस्यों का समाधान करने में लगी है पत्रकारिता के क्षेत्र मे कार्य करने वाले लोग देश की जनता की समस्या को सामने लाते है।
संवादाताओं से बातचीत करते हुए न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के जनरल सैकट्री विपिन गौड़ ने बताया की उनका ये प्रयास है की समाज कर काम कर लोगो को जो सामाजिक कार्यो में अपना योगदान दे रहे है और पत्रकारिता में भी जो पत्रकार अपनी अहम् भूमिका निभाते हुए देश को जागरूक कर रहे है उन्हें सम्मानित करना ही हमारा कर्त्तव्य है और पत्रकारों की समस्यों को सरकार के सामने लाना व उनका समाधान करना ही संस्था का कर्त्तव्य है  ….
इस अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री निनोंग इरिंग, केन्द्रीय राज्य मंत्री  ,अल्पसंख्यक मंत्रालय ने भाग लिया और अपने विचार लोगो के सामने रखे। हम सभी जानते हैं कि मीडिया एक शक्तिशाली लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। मीडिया ने आम जनता की बड़ी से बड़ी परेशानी को सरकार व प्रशासन के सामने ला कर उनका समाधान कराया है आज विश्व भर मे भारतीय मीडिया की अलग पहचान है। भारत मे आज भी दूर गाँव मे लोगो के लिए समाचार पत्र बहुत लोकप्रिय है एवं देश और दुनिया से भारतीय ग्रामीण समाज का महत्त्व संपर्क सूत्र हैं। मैं भी रोजाना सुबह उठ कर समाचार पत्र पढ़ता हूँ तभी मुझे पता चलता है की समाज मे क्या क्या हो रहा है। मीडिया एक बहुत बड़ा जरिया है देश व दुनिया की जानकारी पाने के लिए व मीडिया के द्वारा ही आज कोई भी इन्सान अपने घर बैेठे समाज की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर लेता है।
भारत एक ऐसा देश है जहाँ सभी भाषाओँ के  लगभग 80 हजार समाचार पत्र, पत्रिकाएँ भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से पंजीकृत है और सभी राज्यों मे सभी भाषाओं मे आम जनता तक पहुँच रहे है, पत्रकारिता जगत आम  समाज की परेशानियो को तो उजागर करता ही है पर पत्रकारों की परेशानी को कौेन उजागर करे?
मुझे खुशी है कि एन.ए.आई एक ऐसी संस्था है जो पत्रकारों की समस्याओं को सामने ला रही है और उनके समाधान करने का प्रयास कर रही है । जो पत्रकार देश के उन हिस्सों मे है, जहाँ बहुत पिछड़ापन है, ग्रामीण इलाके है, जहाँ पत्रकारों को बहुत ज्यादा समस्याएं है और वह समाज को वहां की गतिविधियों से अवगत करते है। उन पत्रकारों व देश के सभी वर्ग के पत्रकारों के लिए सुरक्षा, व अन्य सुविधाओ के लिए मैं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से बात करने की कोशिश करूँगा।
अपनी बात पूरी करने से पहले मे एक बात सभी पत्रकारों से कहना चाहता हूँ की आप भी अगर किसी के गलत करने पर उसके बारे मे छापते है तो उसी तरह लोगों की अच्छे कामो के बारे मे भी छापा करे और पॉजिटिव नजरिए से समाज को अपने माध्यम से जागरूक कराया करे। सिर्फ मीडिया ही एक ऐसा साधन है जो देश मे हर वर्ग हर व्यक्ति से जुड़ा हुआ है और मुझे आशा है की हमारी लोकप्रिय सरकार पत्रकारों की मांग को पूरा करने के लिए व चौथे स्तम्भ को शक्तिशाली बनाने व बढावा देने के लिए अच्छे से अच्छे प्रयास करेगी।
इस पुरस्कार कार्यक्रम मे देश के 24 राज्यों के  संपादकों , प्रकाशकों , पत्रकारों ने  हिस्सा लिया  समाचार पत्रों व समाचार जगत मे कार्य करने वाले संपादको, प्रकाशकों, पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा की गई व उनका समाधान कैसे किया जाए सभी सवालों को सरकार के सामने लाने की बात कही गई व उन सभी समस्यों को हल करने की मांग करने की बात कही गई , देश के संविधान की मर्यादा के पालन को लेकर सामाजिक हितो की राष्ट्रीय आवाज बनाने मे लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप मे इस मीडिया शक्ति से बड़ा कोई भी लोकपाल वैकल्पिक जवाबदेही नहीं निभा पा रहा है जिसे जनतंत्र की आवाज कहा जा सके। समाचार पत्रों के प्रतिनिधि समाज प्रहरियों की भूमिका ने है देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आजतक भारत को विशव सचेतक बनाने की मंजिल को आसन रास्ता दिया है। मीडिया ने राजनैतिक कुशलता प्रोत्साहित करने मे कई सहायिक कदम उठाए है। इस समारोह मे मीडिया के हको की आवाज को उठाने के साथ साथ मीडिया प्रहरिओं की सुरक्षा के लिए राज्यों की नीतिओं के बदलाव के लिए भी जोर दिया गया व कार्यक्रम के मुख्या अतिथि श्री निनोंग एरिंग जी ने कहा की वह राज्य सर्कार व केंद्रीय सरकार से बात करेंगे की पत्रकारों की समस्यों का समाधान निकल जाए।
श्री सुनील डंाग संपादक डे आफ्टर ने कहा की देश मे आज सबसे बड़ी शक्ति मीडिया है और मीडिया मे काम करने वाले सभी लोग समाज का आइना है देश मे आज नै पीडी पत्रकारिता मे आके काम करना कहती है पर उन सभी को समाज के हित मे  कार्य करना चहिये न की अपने हित के लिए श्री डंाग ने कहा मुझे खुशी है की न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के द्वारा देश मे  पत्रकारों के लिए उनकी परेशानी को हल करने के लिए अच्छे कार्य किये जा रहे है और न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया बहुत बड़ी बधाई का पात्र है ।
श्री संदीप मारवाह ने कहा देश मे कोई भी पत्रकरों के लिए कोई कार्य भी संस्था इस प्रकार कार्य नहीं कर रही है जैसे न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के द्वारा देश मे छोटे व मझोले पत्र पत्ररीकाओं के लिए कार्य हो रहे है  प्रोफ. अस्मिता मिश्र  ने कहा की देश को जागरूक करने से पहले हम पत्रकारों को जागरूक होना पड़ेगा जिससे की मीडिया अपनी भूमिका को साफ रख सके और जनता जनार्दन तक सभी जानकारी सच्ची और सही पहुंचे जिससे आम जनता का भरोसा मीडिया पर बना रहे ।
न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के अध्यक्ष श्री सूर्यभान राजपूत जी ने कहा की देश मे  सिर्फ मेट्रो सिटी ही नहीं देश मे कई पिछड़े इलाके ,ग्रामीण, कृषि, मुसीबत क्षेत्र भी है जहाँ पत्रकारों को कई तरह की कठिनाइय है वहां के लोगों की परेशानी को वहां के स्थाई पत्रकार उजागर करते है पर उन्हें अपनी बात को केंद्रीय सरकार के सामने लाने मे कई तरह की कठिनाइयाँ आती है उनको अच्छी व्यवस्था दिलाने के प्रयास हम न्यूजपेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा करेंगे ।
इस कार्यक्रम मे सभी चर्चाओं के बाद देश के अलग अलग हिस्सों से आए पत्रकारों समाज सेविओं को सम्मानित किया गया उनकी सूचि इस प्रकार है  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भारत के पहले न्यूज चौनल के लिए 4 रियल न्यूज  टी.वी का नाम चुना गया है… सर्वश्रेष्ठ न्यूज एन्कर (क्षेत्रीय) समीर रंजन गोस्वामी /  समाचार असम  सर्वश्रेष्ठ संवाददाता मोहित मल्होत्रा संवाददाता – 24 न्यूज सर्वश्रेष्ठ अपराध संवाददाता नवीन लाल सूरी संवाददाता – सहारा समय  सर्वश्रेष्ठ महिला संवाददाता तृप्ता आर्य, संवाददाता – सहारा समय  सर्वश्रेष्ठ खोजी संवाददाता परिमल कुमार संवाददाता – एनडीटीवी
ऑनलाइन न्यूज सर्विस में समाचार वार्ता की संपादक सुषमा राजीव को, साथ ही सामाजिक पत्रकारिता के लिए मणी आर्या को और सर्वश्रेष्ठ संपादक मनोरंजना सिंह  (फ्रंटियर टीवी) सर्वश्रेष्ठ निर्माता राकेश प्रकाश /जी  टी.वी  प्रिंट मीडिया में – सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय समाचार पत्र पंचायत उजाला (उत्तराखंड) सर्वश्रेष्ठ संपादक अक्षय कुमार साहू  सर्वश्रेष्ठ संवाददाता अर्पणा कुमुद / पीटीआई भाषा  सर्वश्रेष्ठ पत्रकार श्रीधर मूर्ति  सर्वश्रेष्ठ स्तंभ लेखक जयश्री राठौर (चंडीगढ़) सर्वश्रेष्ठ संपादकीय उर्दू भाषा अब्दुल हाई में  अन्य श्रेणियों मे –
सर्वश्रेष्ठ  स्टेट कमेटी -राजस्थान राज्य  सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता (बाल कल्याण) रामकरण सिंह मलिक सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता (महिला कल्याण) प्रियंका बिष्ट  सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता के.बी. मंजूनाथ सर्वश्रेष्ठ सामाजिक (ग्रामीण विकास) कार्यकर्ता सुभाष भारद्वाज  सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार  सर्वश्रेष्ठ गैर सरकारी संगठन प्लांट एंड एनिमल  (मुंबई)  वर्ष के सर्वश्रेष्ठ विकासशील व्यक्ति – अनंत कुमार ,प्रख्यात हस्तियाँ – जोगिंदर कुमार (भारतीय पहलवान) सर्वश्रेष्ठ पुलिस अधिकारी श्री. बलजीत राणा एस.आई. (दिल्ली पुलिस)  सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर – प्रो डॉ. यूके चौधरी (चिकित्सकीय) , सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर. सर्जन और पशु कल्याण – डा. अजय सूद  अतिथि भूमिका – डॉ. रशीद कबीर (फिजिशियन)  लाइफ टाइम एचीवमेंट – अजय पाल सिंह (एसएचओ) अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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