/* */

तो क्या शिखंडियो के चक्रव्यूह में अभिमन्यु बनेंगे डीजी सूचना…?

Page Visited: 169
0 0
Read Time:5 Minute, 31 Second

-नारायण परगाई||

देहरादून. सूचना निदेशालय के शिंखंडियो की फाइलें खुलनी शुरू हो गई हैं जिससे महकमे में हड़कम्प मचा हुआ हैं. मामला मुख्यमंत्री दरबार तक जाने के चलते जल्द ही कार्यवाही होना तय माना जा रहा है. सूचना विभाग के दो शिखंडियो पर नियम कानूनो को ताक पर रखकर लाखो के विज्ञापन चहेतो को बांटे जाने का आरोप है, सूचना विभाग के डीजी दिलीप जावलकर अभी इन शिखंडियो का चक्रव्यूह तोड़ पाने में कामयाब तो नही हुए है लेकिन चक्रव्यूह को तोड़ने की चाबी उनके हाथ लग गई है.m_SUCHNA-DG-DILIP-JAWALKAR

लाखो के विज्ञापन खेल की फाइलो पर जांच शुरू कर दी गइ है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि विभाग के और कौन कौन अधिकारी इसमें संलिप्त हैं. मुख्यमंत्री के आधीन रहने वाले सूचना विभाग को इन शिखंडियो ने चूसना विभाग बनाकर जमकर लूट मचाई थी और अपने चहेतो को लाभ देने में कोई कसर नही छोड़ी थी. विज्ञापन की मान्यता से लेकर मान्यता प्राप्त पत्रकार बनाने के लिए इन शिखंडियो द्वारा जमकर मोटी रकम वसूल की गई और ऐसे लोगो को मान्यता प्राप्त पत्रकार बना दिया गया जिनका पत्रकारिता की लेखनी से दूर दूर तक कोई वास्ता नही. विज्ञापन प्रबंधक का काम करने वाले सलीम सैफी को मान्यता देने में भी इनके द्वारा घोर अनिमितताओ को अंजाम दिया गया, इतना ही नही न्यूज वायरस के प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बनाई गई फर्म को लाखो के विज्ञापन देकर जमकर लूट मचाई गई और इसके अलावा कई ऐसे समाचार पत्रो को भी विज्ञापन का लाभ दिया गया जो समाचार पत्र बाजार में दिखते तक नही यहा तक कि सूचना विभाग की सालाना बनाई जाने वाली निदर्शिनी में ऐसे लोगो को स्थान दिया गया जो पत्रकारिता के क्षेत्र में चंद दिनो पहले ही अवतरित हुए हैं. वहीं इस निदर्शिनी में ऐसे लोगो के नाम नदारद दिखे जो वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सूत्रो से मिल रही खबरो के अनुसार एक फिल्म बनाने वाली

shikhandi

एजेन्सी को बीते कुछ महीनो में एड फिल्में एक शिखंडी की कृपा के चलते दी गई हैं और बताया जा रहा है कि इस अधिकारी की कम्पनी में 50 प्रतिशत की भागीदारी मौजूद है. हालाकि यह भागीदारी कागजो में ना होकर मिलने वाली रकम में जुड़ी बताई जा रही है, अब देखना होगा कि सूचना विभाग के डीजी दिलीप जावलकर इस मामले की फाइल कब तलब करते हैं या फिर शिखंडियो के चक्रव्यूह में डीजी सूचना अभिमन्यु बनते हैं. बताया जा रहा है कि सूचना विभाग का एक अधिकारी हैंडपम्प के रूप में जाना जाता है और उसके बारे में विभाग के कर्मचारियो केा कहना है कि हैंडपम्प जितना जमीन के उपर होता है उससे कई गुना जमीन के अंदर मौजूद रहता है उसी प्रकार इस अधिकारी की जड़े भी हैंडपम्प की तरह काफी गहरी बताई जा रही हैं. इस अधिकारी के काले कारनामो की लिस्ट काफी लम्बी है और इसी की कृपा के चलते देहरादून से समाचार पत्र निकालने वाली एक महिला को दो दर्जन से अधिक समाचार पत्र निकालने की इजाजत दी गई इतना ही सूचना विभाग के विज्ञापनों में भी उस पर इतनी कृपा कर दी गई कि जिसे देखकर हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाए. इस महिला को काफी तेज बताया जाता है और महिला द्वारा केन्द्र सरकार के आधीन आने वाले डीएवीपी से अपने समाचार पत्र का जो रेट हासिल किया है वह भी काफी चौकाने वाला है. इस महिला ने अपने समाचार पत्र को देहरादून से प्रकाषित होने वाले दैनिक जागरण समाचार पत्र के बराबर प्रचार प्रसार की संख्या डीएवीपी को उपलब्ध कराई है. अब यह तो सूचना विभाग के अधिकारी ही बताएं कि आखिर बाजारो में ना दिखने वाला यह समाचार पत्र कहा दिखाई देता है या फिर माजरा कुछ और है. अगले अंको में इस महिला के कई किस्सो को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this:
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram