परिवार चलाने के लिए 600 रुपये काफी : शीला दीक्षित

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योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया की 28 रूपये भोजन पर खर्च करने वाले परिवार को अमीर की श्रेणी में रखने वाली रिपोर्ट को भी पीछे छोड़ते हुए लाखों रुपये महीना खर्च कर देने वाली दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने महंगाई की वजह से परेशान जनता के जले पर नमक छिड़कते हुए बयान दिया है कि पांच सदस्यों के गरीब परिवार के लिए 600 रुपये महीना काफी है. यानी एक दिन में एक व्यक्ति का काम मात्र चार रुपये के अनाज में चल सकता है.sheila-dixit-cm-delhi

उन्होंने यह बयान अन्न श्री योजना के शुभारंभ के मौके पर दिया. शीला के इस बयान पर बवाल मचना तय है. शीला ने कहा कि दाल, रोटी और चावल के लिए गरीब परिवार के लिए 600 रुपये की कैश सब्सिडी काफी है. शीला ने जब यह बयान दिया, तब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं.

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने शनिवार को अन्न श्री योजना की शुरुआत की. इस स्कीम के तहत जरूरतमंद परिवार को हर महीने 600 रुपये राशन खरीदने के लिए दिए जाएंगे, जो सीधे परिवार की महिला सदस्य के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. इस योजना का लाभ 25 लाख लोगों को मिलेगा.

इस योजना से लाभान्वित होने वाले लोगों ने शीला के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. एक महिला ने कहा कि पांच से सात लोगों के परिवार में महीने का राशन 1000 से 3000 रुपये के बीच आता है और यह बताने की जरूरत नहीं.

पश्चिम दिल्ली की झुग्गी बस्ती में रहने वाली माया देवी ने कहा कि अगर एक गरीब परिवार के लिए 600 रुपये काफी हैं तो बीमारी, आवास की समस्या और महंगाई में गुजारा कैसे होगा. 600 रुपये सिर्फ एक सहारा भर है. नहीं से अच्छा है कि कुछ तो मिलेगा. गंगा देवी ने कहा कि वह हर महीने राशन पर 3,000 रुपये खर्च करती हैं. फिर 600 रुपये में क्या होगा?

योजना को शुरू करने के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि ये योजना आधार कार्ड से जुड़ी होगी और पीडीएस स्कीम से अलग होगी. सोनिया गांधी ने अन्न श्री योजना लागू करने के लिए दिल्ल सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि इस स्कीम की सबसे अच्छी बात ये है कि पैसा जरूरतमंद परिवार की महिला सदस्य को मिलेगा. सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए और कांग्रेस की सरकार गरीबों को भोजन देने की गांरटी को लेकर गंभीर है और जल्द ही संसद में फूड सिक्योरिटी बिल पेश किया जाएगा.

 

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25 thoughts on “परिवार चलाने के लिए 600 रुपये काफी : शीला दीक्षित

  1. I feel ashamed when I found such people are ruling us. How come a CM can speak such rubish and stay in chair? What sort of country we are living in? Before school education we need to educate our public whom to vote for. And we need to change our constitution so that politicians are not allowed to frame rules for themselves. If situation remains same we would be slaves again verysoon.

  2. Yeh aurat to begair Deemag key hai, koi fayda nahee hai kuch kehney ka, saath mai Mantok ji soney per suga hai ram hee malik hai is desh ka. Loot leney do inlo sab yahee per reh jayega Ponty Chadha sab chod gaya inka pata nahee kaya hoga.

  3. जिसको पागल खाने में तो होना चाहिए उनको सत्ता में बैठाओ और उनसे परिणाम की आशा करो दोनों सम्भव नहीं हैं.

  4. Sheela to bs sheela h, wo pariwar chla sakti h 600 rs mahine main pure ek mahina…waah sheela waah, ek to tum logo pr hasssi bhi aata h or duari taraf gussa ki hum logo ne kaise logo ko vote diya…mera bharat mahan h.

  5. पांच सदस्यों के गरीब परिवार के लिए 600 रुपये महीना काफी है. यानी एक दिन में एक व्यक्ति का काम मात्र चार रुपये के अनाज में चल सकता है………….

  6. इन बूथ आएये यूथ्स ,क्योंकि साधिय जाने के बाद किसी का दिमांग काम कैसे काम करता है ये तो वही जाने की ६००० में चलता है के ६०० महीने में ,cm दादी ग को चाहिए की अपने घर पर देखे और गरीभ का भी …….

  7. जिसको पागल खाने में तो होना चाहिए उनको सत्ता में बैठाओ और उनसे परिणाम की आशा करो दोनों सम्भव नहीं हैं !!

  8. sheela dixit to free me bhi kaam chala sakti hai unka kharcha to sarkari machiniry karti hai ek eshare par builder aur thekedar har cheej hajir kar denge 600 rs to bonus hoga

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