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राजस्थान में दलित अत्याचार चालू आहे, कार्रवाई न हुई तो आन्दोलन होगा

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भीलवाड़ा 22 नवम्बर 2012। पिछले महीनों में जिले भर में हुए दलित अत्याचारों की घटनाओं के मामलों में शीघ्र कार्यवाही करने की मांग को लेकर दलित आदिवासी एवं घुमन्तु अधिकार अभियान राजस्थान (डगर) भंवर मेघवंशी के नेतृत्व में एक शिष्ट मण्डल पुलिस अधीक्षक नितिनदीप ब्लग्गन से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर दलित अत्याचार के मामलों में शीघ्र कार्यवाही की मांग अन्यथा 6 दिसम्बर से आन्दोलन की घोषणा की।

एसपी को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 16 नवम्बर 2012 की रात्रि को करेड़ा थाना क्षेत्र के बरावलों का खेड़ा गांव के दलित युवक पवन नाथ कालबेलिया की रथ पर निकाली जा रही बरात को कतिपय समाज कंटकों द्वारा रोके जाने, दौलतगढ़ पुलिस चौकी के दीवान मिठू लाल जांगिड़ द्वारा मेवाराम बलाई के साथ मारपीट करने, थाना गांव के दलित जयराम पुजारी को मंदिर की पूजा करने से रोेकने तथा जमीन से बेदखल करने सहित दंतेड़ी गांव के दलित परिवार की महिला के साथ मारपीट करने के मामले में कार्यवाही की मांग की गई।

सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी ने बताया कि जिले में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि  बरावलों का खेड़ा में कालबेलिया परिवार के दूल्हे की बिन्दौली को रोक दिया गया, पीड़ितों द्वारा लिखित रिपोर्ट थाना करेड़ा में दी गई है। लेकिन इस मामलें में अभी तक आरोपियों के खिलाफ ना तो एफआईआर दर्ज की गई है और ना ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं आसीन्द थाना क्षेत्र के करणगढ़ गांव के दलित युवक मेवाराम बलाई को दौलतगढ़ चौकी के दीवान मिठूलाल जांगिड़ द्वारा पिटाई कर दी। एसपी को शिकायत करने के बाद आसीन्द थाने में दीवान मिठूलाल जांगिड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई लेकिन अभी तक मिठू लाल के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

एसपी से मिलने गए दल के सदस्य बहादुर मेघवंशी ने बताया कि बदनोर थाना क्षेत्र के जगपुरा गांव की दलित महिला लेहरी देवी के क्रयशुदा व रजिस्ट्रीशुदा मकान पर भारत सिंह ने कब्जा कर रखा है, मामला दर्ज होने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो पा रही है।

मेघवंशी ने बताया कि करेड़ा थाना क्षेत्र की शिवपुर चौकी के थाना गांव के दलित पुजारी जयराम बलाई को मंदिर से पूजा करने से रोक दिया गया है तथा 11 बीघा 18 बिस्वा जमीन से भी बेदखल कर दिया गया है, दो-दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी इस मामले में पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर पाई है।

करेड़ा थाना क्षेत्र के दंतेडी गांव के कैलाशचन्द्र बलाई की पत्नि के साथ छेड़छाड़ की गई । बाद में आरोपियों ने कैलाश चन्द्र के परिवार के लोगों पर हमला कर उनके साथ मारपीट की तथा पीड़ितों का पांव तोड़ दिया। इस मामले के मुख्य आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

मेघवंशी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने के कारण उनके हौसलें बुलन्द है और वो लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस अत्याचारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पा रही है।

डगर के प्रदेश महासचिव दौलतराज नागौड़ा ने बताया कि दलित आदिवासी एवं घुमन्तु अधिकार अभियान राजस्थान (डगर) के पदाधिकारियों को एसपी नितिनदीप ब्लग्गन ने आश्वस्त किया है कि वो इन सभी मामलों में शीघ्र कार्यवाही करेंगे। साथ एसपी ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र जांच करवाने के निर्देश दिए है।

एसपी से मिलने गए दल में दलित आदिवासी एवं घुमन्तु अधिकार अभियान राजस्थान (डगर), के संस्थापक भंवर मेघवंशी, प्रदेश महासचिव दौलतराज नागौड़ा, कालबेलिया अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक रतन नाथ कालबेलिया, डगर के प्रदेश प्रतिनिधि बहादुर मेघवंशी तथा डगर के प्रदेश सचिव लखन सालवी, डगर के करेड़ा तहसील के प्रभारी हीरालाल मेघवंशी रामदेव कालबेलिया, अनाड़ा नाथ, जयप्रकाश अठवाल सहित करीबन 30 लोग शामिल थे।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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