अंशुमान त्रिपाठी की मां को ब्रेन-स्‍ट्रोक, हालत नाजुक…

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इलेक्‍ट्रानिक चैनल जगत के नामचीन पत्रकार अंशुमान त्रिपाठी की मां को आज जबर्दस्‍त मस्तिष्‍क आघात हो गया. दोपहर बाद ढाई बजे के करीब हुई इस घटना के बाद उन्‍हें आनन-फानन एक निजी नर्सिंग हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बतायी जाती है. घटना की खबर मिलते ही अस्‍पताल में श्री त्रिपाठी के परिजन और मित्र जुट गये.

महुआ और महुआ न्‍यूज के संस्‍थापक सम्‍पादक रहे अंशमान त्रिपाठी मूलत: यूपी में उन्‍नाव के रहने वाले थे, लेकिन बाद में उनका पूरा परिवार भोपाल में ही बस गया. उनके पिता प्रेमशंकर त्रिपाठी भोपाल के एक कालेज में प्रधानाचार्य रहे हैं. तीन भाइयों में सबसे बड़े अंशुमान त्रिपाठी के एक भाई बीबीसी, लंदन से काम करने के बाद अब दिल्‍ली की चैनल-दुनिया में अपनी जड़ें दोबारा जमाने में कोशिश कर रहे हैं. उनके पिता और उनकी मां प्रभा त्रिपाठी कुछ ही समय पूर्व अपने पुत्रों से मिलने दिल्‍ली आये थे. बताते हैं कि आज दोपहर बाद उनकी हालत अचानक खराब हो गयी. इस पर उनके घरवाले उन्‍हें गाजियाबाद के वैशाली स्थित चंद्रलक्ष्मी नर्सिंग होम ले गये.

बताते हैं कि श्री त्रिपाठी की मां के बायें मस्तिष्‍क में टेम्‍पोरेल इफेक्‍ट हुआ है. नर्सिंग होम के आईसीयू में भर्ती श्रीमती त्रिपाठी की हालत डॉक्‍टरों के मुताबिक अभी तक नाजुक है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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