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बिग बी पर जम कर भड़ास निकाली अमर सिंह ने…

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मीडिया की सुर्ख़ियों से दूर और राजनीति के हाशिये पर धकेल दिए गए नेता और सांसद अमर सिंह ने फिर एक विवादास्पद बयान दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीदेवी की नई फिल्म इंगिल्श विंग्लिश के प्रीमियर पर अमर सिंह ने अपने बड़े भाई और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन पर जमकर भड़ास निकाली.

प्रीमियर पर मौजूद सूत्रों के मुताबिक अमर सिंह ने एक खास बातचीत में कहा कि मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो सुपरस्टार या शहंशाह जैसे शब्दों को सुनकर पागल हो जाऊं. उन्होंने यह भी कहा कि मैं इतना बड़ा आदमी नहीं हूं कि अपने दोस्तों की पार्टी में न आऊं. साथ ही उन्होंने फिर से बिग बी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं इंग्लिश विंग्लिश के प्रीमियर के दौरान बैर करना नहीं चाहता था जो अमिताभ ने शराबी फिल्म के दौरान किया था.

उन्होंने बताया कि शराबी फिल्म के दौरान अमिताभ बच्चन ने अकेले बड़े से थियेटर में जयाप्रदा का नाच देखा था.

वहीं दूसरी ओर बिग बी को उनके ससुराल से भी बुलाया आया है. कोलकाता में होने वाले फिल्म फेस्टिवल के उदघाटन के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बॉलीवुड के शहंशाह को कोलकाता आने का बुलावा भेजा है. ममता का बॉलीवुड से यह नाता नया नहीं है. इससे पहले भी ममता ने किंग खान को अपना छोटा भाई कहा था.

सूत्रों के मुताबिक ममता बनर्जी ने बिग बी को फोन करके बंगाल फिल्म फेस्टिवल में आने का निमंत्रण दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया है. यह फिल्म फेस्टिवल 11 नवंबर से शुरू होगा. बिग बी का भी कोलकाता से नाता कोई नया नहीं है. उन्हें कोलकाता का जमाई बाबू कहा जाता है, फिल्मी दुनिया में अपना करियर बनाने से पहले बिग बी ने कोलकाता में अपने पहले बिजनेस की शुरुआत की थी. इसलिए बिग बी के लिए कोलकाता काफी अपना सा है. उन्हें कोलकाता जाकर काफी अच्छा लगता है.

हालांकि फिलहाल ममता बनर्जी राजनीतिक रस्सा कस्सी में उलझी हुई हैं लेकिन मनोरंजन व अपनी संस्कृति को दर्शाने का एक भी मौका वह छोड़ना नहीं चाहती हैं, इसलिए उन्होंने पहले शाहरूख को रिझाने की कोशिश की उसके बाद अब बिग बी को बंगाल के करीब लाने की कवायद कर रही हैं. याद हो की ममता बनर्जी व अमिताभ बच्चन एक ही समय में सांसद रह चुके हैं.

 

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admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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