/* */

महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी भारी पड़ी जायसवाल को…

Page Visited: 190
0 0
Read Time:3 Minute, 12 Second

कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल द्वारा मसखरी में महिलाओं के विषय में की गयी विवादास्पद टिप्पणी का देशभर में जबरदस्‍त विरोध हो रहा है. मंगलवार को कानुपर में महिलाओं ने उनकी तस्‍वीरों पर जूते बरसाए और उनका पुतला फूंका तो भाजपा और वामपंथी पार्टियों ने उन्‍हें तत्‍काल मंत्री पद से हटाने की मांग की.

सूत्रों के अनुसार जायसवाल के इस विवादित बयान पर न सिर्फ महिला संगठन कोयला मंत्री प्रकाश जायसवाल से खफा हैं बल्कि कांग्रेस नेतृत्व ने भी कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उनसे सफाई मांगी है. हालाँकि कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अपने मंत्री का बचाव करते हुए कहा, ‘श्री जायसवाल ने अपनी सफाई दे दी है और माफी मांग ली है, मैं समझता हूं यह मामला यहीं खत्म हो जाता है.’ वहीं बीजेपी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि जायसवाल के शब्द बताते हैं कि कांग्रेस का कितना पतन हो गया है. उन्होंने जायसवाल के इस्तीफे की मांग भी की.

जायसवाल को विरोध उनके एक बयान के चलते हो रहा है. 30 सितंबर को अपने जन्मदिन की पार्टी पर आयोजित कवि सम्मेलन में जायसवाल ने यह बयान दिया था. उन्होंने भारत की जीत पर टीम को बधाई देते हुए जो बयान दिया उसे महिलाओं का अपमान बता कर उनका विरोध किया जा रहा है.

जायसवाल ने मंच से कहा था, ‘नई-नई जीत और नई-नई शादी का अपना अलग ही मज़ा होता है. जैसे-जैसे समय बीतेगा  जीत पुरानी होती जाएगी, जैसे-जैसे समय बीतता है पत्नी भी पुरानी होती जाती है, फिर वो मजा नहीं रहता है.’ उनके इस बयान पर महफिल ठहाकों से गूंज गई थी. वहां कई महिलाएं भी मौजूद थीं.

मंगलवार को महिला संगठन जायसवाल के इस बयान का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर गए. जायसवाल का विरोध कर रही महिलाओं का कहना था कि सोनिया गांधी और जायसवाल की पत्नी को उनके बयान पर अपनी राय जाहिर करनी चाहिए.

विरोध प्रदर्शन कर रही एक महिला ने कहा कि पुराने तो जायसवाल भी हो गए हैं, तो क्‍या उन्‍हें भी बदल दिया जाए.

महिला संगठनों के विरोध के बाद जायसवाल ने पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़ते हुए माफी मांग ली है. उन्होंने कहा कि मेरे बयान को गलत संदर्भ में लिया गया, अगर किसी को बुरा लगा है तो मैं माफी चाहता हूं.

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

3 thoughts on “महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी भारी पड़ी जायसवाल को…

  1. यह भी एक अजीब स्थिति है की पहले बयां दे दो , हल्ला मचे तो कह दो कि मेरे कथन का गलत अर्थ निकाला जा रहा है, या कि तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है,या इंकार ही कर दी कि मैंने ऐसा बयां दिया ही नहीं,या मीडिया अनावय्षक इसे उचल रहा है,इन सब से भी बात न बने , तो दबे स्वर में माफ़ी मांग ले,फिर तिवारी जैसे लोग आ कर यह कहें कि अब माफ़ी के बाद इस मुद्दे को ख़तम समझा जाये.
    इन निर्लज्ज लोगों को आप क्या कहना पसंद करेंगें.आज यदि अन्य किसी के द्वारा ऐसा कुछ कहा जाये तो ये कांग्रेसी अपने भोपुओं द्वारा उसे जीवित बनाये रखने का प्रयास करेंगे.जायसवाल जैसे बुड्ढे सठियाये नेता के द्वारा ऐसा कहा जाना उनके नैतिक चरित्र के पतन का प्रतीक है.राजनितिक नैतिकता की दूसरे दलों को सीख देने वाला दल अपने चरित्र का इस तरह प्रदर्शन करे बड़ी ही शर्मिंदगी की बात है.ऐसे मंत्री को तो मंत्रिपरिषद से तत्काल बाहर करना चाहिए पर ऐसी उम्मीद करना अनुचित ही होगा,क्योंकि इसके तो सभी मंत्री सत्ता के नशे में ऐसे बकवास बयान दे कर विवाद स्पद बन चुके हैं,एक महिला अध्यक्ष ,खुद को सबसे बड़ी पुराने दल का दावा करने वाले दल की यह हालत निंदनीय ही है, सत्ता के ही आधार पर बने महिला आयोग का बयान भी मात्र एक लीपापोती ही है,उससे कहीं नहीं लगता कि वह इस विषय में गंभीर है,पद की लोलूप आयोग की सदस्याओं द्वारा जोर दे कर ऐसे मंत्री को बाहर करना चाहिए था पर नहीं ,ममता शर्मा के चेहरे के भावों और उनकी शारीरिक भंगिमा से लग रहा है की वे इसे सामान्य सी बात समझ रहीं हैं.जो समाज अपनी महिलाओं को आदर नहीं दे सकता,उस समाज के लिए लानत ही है,
    क्या जैसवाल अपनी बूढी पुराणी पत्नी को छोड़ने जा रहें हैं ?या छोड़ चुके हैं?क्या वे अपनी संतान को यही सीख दे कर उन्हें पत्नी छोड़ने की प्रेरणा देंगें,कि अब वोह पुरानी हो गयी है,या अब मजा नहीं रहा है?

  2. यह भी एक अजीब स्थिति है की पहले बयां दे दो , हल्ला मचे तो कह दो कि मेरे कथन का गलत अर्थ निकाला जा रहा है, या कि तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है,या इंकार ही कर दी कि मैंने ऐसा बयां दिया ही नहीं,या मीडिया अनावय्षक इसे उचल रहा है,इन सब से भी बात न बने , तो दबे स्वर में माफ़ी मांग ले,फिर तिवारी जैसे लोग आ कर यह कहें कि अब माफ़ी के बाद इस मुद्दे को ख़तम समझा जाये.
    इन निर्लज्ज लोगों को आप क्या कहना पसंद करेंगें.आज यदि अन्य किसी के द्वारा ऐसा कुछ कहा जाये तो ये कांग्रेसी अपने भोपुओं द्वारा उसे जीवित बनाये रखने का प्रयास करेंगे.जायसवाल जैसे बुड्ढे सठियाये नेता के द्वारा ऐसा कहा जाना उनके नैतिक चरित्र के पतन का प्रतीक है.राजनितिक नैतिकता की दूसरे दलों को सीख देने वाला दल अपने चरित्र का इस तरह प्रदर्शन करे बड़ी ही शर्मिंदगी की बात है.ऐसे मंत्री को तो मंत्रिपरिषद से तत्काल बाहर करना चाहिए पर ऐसी उम्मीद करना अनुचित ही होगा,क्योंकि इसके तो सभी मंत्री सत्ता के नशे में ऐसे बकवास बयान दे कर विवाद स्पद बन चुके हैं,एक महिला अध्यक्ष ,खुद को सबसे बड़ी पुराने दल का दावा करने वाले दल की यह हालत निंदनीय ही है, सत्ता के ही आधार पर बने महिला आयोग का बयान भी मात्र एक लीपापोती ही है,उससे कहीं नहीं लगता कि वह इस विषय में गंभीर है,पद की लोलूप आयोग की सदस्याओं द्वारा जोर दे कर ऐसे मंत्री को बाहर करना चाहिए था पर नहीं ,ममता शर्मा के चेहरे के भावों और उनकी शारीरिक भंगिमा से लग रहा है की वे इसे सामान्य सी बात समझ रहीं हैं.जो समाज अपनी महिलाओं को आदर नहीं दे सकता,उस समाज के लिए लानत ही है,
    क्या जैसवाल अपनी बूढी पुराणी पत्नी को छोड़ने जा रहें हैं?या छोड़ चुके हैं?क्या वे अपनी संतान को यही सीख दे कर उन्हें पत्नी छोड़ने की प्रेरणा देंगें,कि अब वोह पुरानी हो गयी है,या अब मजा नहीं रहा है?

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this:
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram