रसोई गैस से सब्सिडी खत्म होगी…

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महंगाई के मारे त्राहिमाम – त्राहिमाम कर रही आम जनता पर सरकार किसी भी तरह का रहम करने के मूड में कतई नजर नहीं आ रही है. आर्थिक सुधारों की आड़ में सरकार जल्द ही सब्सिडी वाले छह गैस सिलेंडरों की सुविधा भी आम आदमी से छीनने का मानस बना चुकी है.

सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों में कटौती से अगर आप नाराज हैं तो फिर थोड़ा और निराश होने का इंतजार कीजिए. सरकार गरीबी रेखा से नीचे जी रहे वर्ग को छोड़कर अन्य हर वर्ग को सब्सिडी वाली रसोई गैस नहीं देने का मानस बना चुकी है. अगर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की चली तो अगले वर्ष के मध्य से गरीबी रेखा के ऊपर रहने वाले हर किसी को रसोई गैस की पूरी कीमत अदा करनी होगी.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने सब्सिडी वाली रसोई गैस की आपूर्ति को सीमित करने का जो रोडमैप बनाया है, उसे तीन चरणों में लागू किया जाना है. पहले चरण में छह सिलेंडर का कोटा जारी रखा गया है. दूसरा चरण अप्रैल, 2013 से लागू होगा. इसके तहत पचास हजार रुपये की मासिक आय वाले वर्ग को सब्सिडी सीमा से बाहर रखा जाएगा. इस सीमा को लागू करने के लिए तेल कंपनियां रसोई गैस ग्राहकों का डाटा तैयार कर रही हैं. इस काम में आयकर विभाग की भी मदद ली जाएगी. आयकर विभाग के आंकड़ों से ही यह पता चल पाएगा कि देश में छह लाख रुपये से ज्यादा की सालाना आय पर कितने लोग रिटर्न भरते हैं.

सूत्रों के मुताबिक तीसरा चरण अगले वित्त वर्ष के मध्य तक लागू करने की योजना है. तब तक तेल कंपनियों के पास देश भर के गैस ग्राहकों का पूरा आंकड़ा आ जाएगा. इस आंकड़े के आधार पर यह तय किया जाएगा कि देश में कितने बीपीएल परिवारों के पास गैस कनेक्शन हैं. इन परिवारों को भी रसोई गैस सिलेंडर तो बाजार मूल्य पर ही खरीदना होगा. जबकि सरकार की तरफ से सब्सिडी का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जाएगा. इसके लिए आधार योजना की भी मदद ली जाएगी.

दरअसल, पिछले दिनों जिस राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति [सीसीपीए] में मूल्यवृद्धि का फैसला किया गया उसमें पेट्रोलियम मंत्रालय के उक्त प्रस्ताव पर भी विचार किया गया. वित्त मंत्रालय और योजना आयोग इस प्रस्ताव के साथ हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय का आकलन है कि मौजूदा कीमत के आधार पर रसोई गैस की सालाना सब्सिडी 30 हजार करोड़ रुपये के करीब रहने वाली है जो इस योजना को लागू करने से घट कर आठ हजार करोड़ रुपये सालाना रह जाएगी. इससे केंद्र की पेट्रोलियम सब्सिडी को घटाने में मदद मिलेगी जिसका असर राजकोषीय घाटे पर भी दिखेगा.

वैसे सब्सिडी घटाने की सरकार की यह मुहिम आम जनता पर भारी पड़ेगी. हाल ही में जो फैसला किया गया है उसके मुताबिक एक परिवार को साल में छह गैस सिलेंडर लगभग 400 रुपये के हिसाब से मिलेंगे, जबकि इसके बाद उन्हें मौजूदा कीमत के मुताबिक प्रत्येक गैस सिलेंडर के लिए 750 रुपये देने होंगे. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 23 फीसद परिवार देश में 12 एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, जबकि 44 फीसद परिवार चार से छह गैस सिलेंडर साल भर में इस्तेमाल करते हैं.

 

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2 thoughts on “रसोई गैस से सब्सिडी खत्म होगी…

  1. सबसे ज्यादा मार तो मध्यम वर्ग की ही है,बी पी अल के नाम पर देश में एक इतना बड़ा वर्ग खड़ा हो गया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी.हालाँकि यह बात कहनी बर्र के छत्ते में हाथ डालने जैसी है, लेकिन यह सबसे बड़ा सच है कि इस वर्ग में पंजीकृत ३० से ४० प्रतिशत लोग फर्जी हैं.अपनी व्यक्तिगत ,राजनितिक पहूंच अथवा रिश्वत दे कर कितने ही लोगों ने इस योजना में खुद को पंजीकृत करा रखा है,और असली गरीब लचर हैं वे अब भी इससे वंचित हैं. इस योजना मैं पंजीकृत ,मेरे आस पास कितने ही लोगों को मैं जनता हूँ,जो दो पहिया वाहन के मालिक हैं,जिनके परिवार के आधे से ज्यादा लोगों के पास मोबाइल हैं,और खुद के सुन्दर पक्के मकान है ,जब भी अवसर आता है तो वे इस योजना का पूरा लाभ उठाते हैं,दूसरी और एक सामाजिक संस्था से जुदा होने के कारन जब मेरा असली गरीब लोगों से पला पड़ता है तो पता चलता है कि उनका नाम इस योजना मैं नहीं है, कहीं पञ्च, सरपंच,कहीं दफ्तर के बाबू,उनका कार्ड बनाने मैं आनाकानी या टालमटोल का रुख अपनाये हुए हैं.कुछ ऐसे भी पीड़ित हैं जिनके कार्ड का लाभ इलाके के बाहू बली उठा रहें हैं.यह एक बड़ी हकीकत है, जिस से कोई भी नेता सामना नहीं करना चाहता .

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