हीरोइन करीना को जन्मदिन का तोहफा मिलेगा…?

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-अर्णब बनर्जी||

मधुर भंडारकर अपनी फिल्मों के स्क्रीनप्ले के एक खास अंदाज के लिए जाने जाते हैं.चांदनी बार (जिसमें एक डांस बार लड़की की कहानी) से लेकर हीरोइन तक उन्होंने अपनी फिल्मों के मुख्य किरदारों के आपसी विवादित और जटिल रिश्तों को परदे पर उतारा है. पेज 3, कॉरपोरेट और फैशन जैसी अपनी फिल्मों की कामयाबी के बाद वो लेकर आए हैं फिल्म हीरोइन जिसमें एक महत्त्वाकांक्षी बॉलीवुड हीरोइन के फिल्मी सफर की कहानी बताई गई है. लालच, स्वार्थ और अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने की गलाकाट प्रतिस्पर्धा में अपने आपको बरबाद कर देने की कहानी है हीरोइन.
निराशाजनक प्लॉट

फिल्म शुक्रवार 21 सितंबर को रिलीज हुई है. इसी दिन करीना कपूर का जन्मदिन भी है. सवाल ये है कि क्या उनके प्रशंसक उन्हें जन्मदिन का तोहफा देंगे. हीरोइन की कहानी के साथ समस्या ये है कि इसका सहज ही पूर्वानुमान लगाया जा सकता है.

अगर आप इस फिल्म के जरिए फिल्मी दुनिया की हकीकत किसी चश्मदीद के नजरिए से देखने की उम्मीद लगाकर गए हैं तो आप बुरी तरह से निराश होंगे. भंडारकर, शुरुआत की कुछ रील्स में ही फिल्म का प्लॉट खो देते हैं और जिस इंडस्ट्री का वो खुद ही हिस्सा हैं उसी इंडस्ट्री की कहानी उन्होंने बेहद ही सतही तरीके से परोस दी है.

बीते कुछ सालों में इंडस्ट्री के कुछ ऐसे सीक्रेट या ऐसे विवाद जो खबरों का हिस्सा बने उन्हें फिल्म में पेश करने के लिए एक बहादुरी की जरूरत थी. मधुर भंडारकर की फिल्म को बॉलीवुड पर एक व्यंग्य कहना बेहद अतिशयोक्ति होगी.

फिल्म निर्माताओं, पीआर मशीनरी की ओछी हरकतों से लेकर मीडिया पर कटाक्ष कसने का भंडारकर का प्रयास बिना किसी खास रिसर्च के अधपकी कोशिश सा प्रतीत होता है.

फिल्म की कहानी

करीना कपूर फिल्म के कई सींस में काफी प्रयास करती हुई सी लगती हैं.

कहानी एक सुपरस्टार माही अरोड़ा (करीना कपूर) की है. जिसने एक के बाद एक कई हिट फिल्में दी हैं, लेकिन फिर भी तमाम कामयाबियों के बाद भी वो अपने आपको तन्हा महसूस करती है.

वो अपनी ही स्टारडम की गुलाम बन जाती है. फिर नई हीरोइनों के आने के बाद उसकी कामयाबी में जैसे ग्रहण सा लग जाता है वो एक हिट फिल्म के लिए तरस जाती है.

माही तरह तरह के हथकंडे अपनाकर अपनी प्रतिद्वंद्वी हीरोइनों से आगे निकलने की कोशिश करती है.

वो अपने सह कलाकार आर्यन खन्ना (अर्जुन रामपाल) से बेहद मोहब्बत भी करती है जो पहले से ही शादीशुदा है. एक तरफ तो माही आर्यन के लिए कुछ भी करने को तैयार है तो दूसरी तरफ आर्यन बेहद प्रेक्टिल इंसान है और उसके लिए करियर ही सब कुछ है. इन सब वजहों से माही की जिंदगी में एक के बाद मुश्किलें पेश आने लगती हैं.

उसके पास फिल्मों का अकाल पड़ने लगता है. वो निर्माताओं के घर जाकर उनसे फिल्में देने की गुजारिश करने लगती है. मानसिक अवसाद की वजह से उसका करियर तबाह होने लगता है लेकिन तमाम विवादों में रहने की वजह से वो खबरों में बनी रहती है. हीरोइन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि ये फिल्मी दुनिया के सिर्फ ‘अनैतिक’ पहलू को बेहद ही सतही तरीके से दिखाने की कोशिश करती है.

हम सभी को मालूम है कि ना सिर्फ फिल्मी दुनिया बल्कि हर जगह ऐसे लोग होते हैं जो ओछे तरीकों से अपनी स्वार्थ सिद्धि में लगे रहते हैं.

क्या ये बुरा पहलू ही फिल्म इंडस्ट्री का आईना है. आम तौर पर फिल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों के मन में जो धारणा है, मधुर अपनी इस फिल्म में लोगों की इस सोच को बदलने की कोई कोशिश नहीं करते. वो भी इसी पारंपरिक सोच के शिकार हो गए लगते हैं.

माही, अगर महत्वाकांक्षी है, कामयाब है, तो जरूरी तो नहीं कि वो ड्रग्स या शराब का शिकार हो जाएगी.

मधुर भंडारकर और उनकी लेखकों की टीम जिनमें अनुराधा तिवारी, मनोज त्यागी और निरंजन अयंगार शामिल हैं ने इस स्क्रीनप्ले में ऐसी घटनाओं, ऐसे गॉसिप का जिक्र किया है जो हम तमाम फिल्मी पत्रिकाओं और समाचार चैनलों में देखते सुनते और पढ़ते चले आए हैं. इसी वजह से हीरोइन फिल्मी दुनिया का एक सस्ता सा मोंटाज बन कर रह गई है.

कैसा है अभिनय
करीना कपूर ने अपने किरदार को निभाने के लिए खासी मेहनत की है, लेकिन समस्या ये है कि वो कुछ दृश्यों में ये कोशिश करती हुई नजर आ जाती हैं. हालांकि फिल्म के बाकी दृश्यों में उन्होंने मजबूती से अपने किरदार को निभाया है. दिक्कत ये है कि इस तरह की फिल्मों में जिस गहराई की जरूरत होनी चाहिए वो गहराई करीना नहीं ला पाई हैं.

दूसरी तरफ दिव्या दत्ता (जिन्होंने करीना की पीआर मैनेजर का किरदार निभाया है) और शहाना गोस्वामी (फिल्म में जिन्होंने बंगाली अभिनेत्री प्रोतिमा का किरदार निभाया है) कहीं ज्यादा सशक्त लगी हैं.

फिल्म के पुरुष कलाकारों की बात करें तो रणदीप हुडा माही के प्रेमी और एक क्रिकेटर के किरदार में नजर आए हैं, वही अर्जुन रामपाल को देखकर लगता है कि मानो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि कब, कैसे और कहां पर कौन से भाव लाने हैं.

फिल्मी दुनिया के प्रशंसक जो बॉलीवुड के बारे में और नजदीक से जानना चाहते हैं उन्हें निश्चित तौर पर हीरोइन निराश करेगी. मधुर भंडारकर की ये फिल्म, परदे के पीछे की हकीकत को दिखाने के प्रयास में बस छूकर निकल गई सी लगती है.
(BBC)

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3 thoughts on “हीरोइन करीना को जन्मदिन का तोहफा मिलेगा…?

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति ,भावनाओं को दुलराती,अपने को टटोलती कसमसाहट से सबका करती अच्छी रचना.

  2. भंडारकर का एक महंगा असफल प्रयास, इस बार जादू चल पायेगा उम्मीद कम है.निर्देशन अच्छा पर कहानी में कसावट नहीं.

  3. भंडारकर का एक महंगा असफल प्रयास, इस बार जादू चल पायेगा उम्मीद कम है.निर्देशन अच्छा पर कहानी में कसावट नहीं.

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