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कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ नहीं गला घोंटने में लगा है: ओमप्रकाश चौटाला

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-जयश्री राठौड़||

चंडीगढ़,  इनेलो ने खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की मंजूरी को छोटे व्यापारियों व गरीब दुकानदारों को तबाह करने वाला फैसला बताते हुए कहा है कि प्रदेश में अगर इसे लागू किया गया तो इनेलो की सरकार बनते ही छोटे दुकानदारों के हितों में इस फैसले को रद्द कर दिया जाएगा. इनेलो प्रमुख व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में भूमि घोटालों को लेकर आए ताजा अदालती फैसलों के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को तुरंत अपने पद से त्याग पत्र देना चाहिए. उन्होंने डीजल के दामों में की गई बढ़ौतरी और रसोई गैस की आपूर्ति सीमित किए जाने के फैसलों को भी महंगाई बढ़ाने वाला व आम आदमी को बर्बाद करने वाला फैसला बताते हुए इन फैसलों को तुरंत वापिस लिए जाने, कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल को नियम कायदों के विपरीत दिए गए कोयला ब्लॉक रद्द किए जाने और गीतिका कांड में जेल में बंद गोपाल कांडा की बेनामी फर्म सहित बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए गुडग़ांव-मानेसर मास्टर प्लान में की गई तबदीली को रद्द किए जाने और इस मामले में किए गए घोटालों की उच्चस्तरीय जांच करवाए जाने की मांग की. इस अवसर पर विधायक दल के उपनेता शेर सिंह बडशामी, विधायक प्रदीप चौधरी, आरएस चौधरी, एमएस मलिक, बीडी ढालिया, राम सिंह बराड़ व एमएस मल्हान भी मौजूद थे.

इनेलो प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा निरंतर यह दावा करते रहे हैं कि अगर उनके द्वारा अधिग्रहण करके एक इंच जमीन भी किसी बिल्डर को दिए जाने की बात साबित हो जाए तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे. रोहतक के साथ लगते तीन गांवों की 230 एकड़ जमीन जनहित के नाम पर अधिग्रहण करके निजी बिल्डर को दे दी गई. हुड्डा सरकार के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द करते हुए सरकार को तीखी फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि नियम-कायदों के विपरीत दिल्ली के पास बहादुरगढ़ के साथ लगती झज्जर जिले के बाढसा गांव की 20 एकड़ जमीन फिल्म निर्माता-निदेशक सुभाष घई को हुड्डा सरकार द्वारा दे दी गई. हाईकोर्ट ने हुड्डा सरकार के इस फैसले को फ्रॉड बताते हुए यह आबंटन रद्द कर दिया गया. उन्होंने कहा कि गुडग़ांव के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों की पंचायती जमीनें जो गुडग़ांव शहर के विभिन्न सेक्टरों में पड़ती थी उन्हें भी सारे नियम-कायदे तोडक़र बिल्डरों व प्रभावशाली लोगों को दे दिया गया. हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले को भी रद्द करते हुए तीखी फटकार लगाई है.

श्री चौटाला ने कहा कि गुडग़ांव के सेक्टर-68 के साथ स्थित जमीन को जेल में बंद पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा ने अपने चहेतों के नाम पर कंपनी बनाकर खरीद लिया और इस कृषि योग्य भूमि को रिहायशी क्षेत्र में बदलने के लिए हुड्डा सरकार ने गुडग़ांव-मानेसर का प्रस्तावित मास्टर प्लान 2031 भी तबदील कर दिया. उन्होंने कहा कि यह मामला अखबारों में प्रमुखता से छपा है कि किस तरह से सरकार के चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए सारे नियम-कायदे तोड़े गए. उन्होंने इस घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने और इस तथाकथित प्रस्तावित मास्टर प्लॉन को रद्द किए जाने की मांग की. इनेलो प्रमुख ने कहा कि सरकार में बैठे लोग आजकल प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में लगे हुए हैं और प्रदेश में पैसे लेकर की जा रही भर्तियों की पोल हाईकोर्ट द्वारा रद्द की गई पीटीआई शिक्षकों की भर्ती से खुल गई है. इनेलो प्रमुख ने कहा कि किसानों से सेज व अन्य जनहित के नाम पर अधिग्रहण की गई जमीनों से रियल एस्टेट का धंधा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में इनेलो की सरकार बनने पर जिस मकसद से जमीनें ली गई हैं अगर उसे बदला गया तो जमीनें किसानों को वापस दिलाई जाएंगी.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने डीजल व रसोई गैस के मामले को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर में सभी जिला मुख्यालयों पर यूपीए सरकार के पुतले जलाए थे और आगे भी उनकी पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी. उन्होंने पीटीआई भर्ती में कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व चेयरमैन व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार नंदलाल पूनिया की कार्यप्रणाली को लेकर हाईकोर्ट द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियों के दृष्टिगत उन्हें शिक्षक भर्ती बोर्ड के चेयरमैन पद से हटाए जाने की मांग की.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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