/* */

निर्मलजीत नरूला उर्फ निर्मल बाबा बेतुके उपाय बताना बंद करे: दिल्ली हाईकोर्ट

admin 3
Page Visited: 21
0 0
Read Time:3 Minute, 54 Second

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वयंभू तांत्रिक निर्मल बाबा से कहा है कि वह अपने अनुयायियों को बेतुका उपाय नहीं बताएं. इसके साथ ही अदालत ने एक हिंदी मीडिया पोर्टल भड़ास4मीडिया   को उनके खिलाफ कोई अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने पर रोक लगा दी है.
न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर ने 22 पृष्ठों के आदेश में बाबा के खिलाफ तीखी टिप्पणी की. बाबा ने अनुरोध किया था कि एक हिंदी पोर्टल भड़ास4मीडिया को उनके खिलाफ कथित अपमानजनक सामग्री प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया जाए. बाबा पर आरोप है कि वह अपने अनुयायियों को मुश्किलों से निजात पाने के लिए बेतुका हल बताते थे.
अदालत ने वेबसाइट पर सशर्त रोक लगाते हुए कहा कि मानहानि याचिका दायर करना बाबा का अधिकार है लेकिन इसे प्रेस की आजादी को नष्ट करने के लिए घातक हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
अदालत ने बचाव पक्ष भड़ास4मीडिया पर वादी बाबा के खिलाफ कोई अपमानजनक सामग्री प्रकाशित, लिखने पर रोक लगा दी. अदालत ने बाबा से भी कहा कि वह भविष्य में अपने अनुयायियों को कोई बेतुका उपाय नहीं सुझाएंगे. अदालत ने इस बात पर आपत्ति जतायी कि लोगों को समस्याओं से निजात पाने के लिए उन्होंने रबड़ी, मसाला डोसा या पानी पूरी खाने जैसी सलाह दी.

गौरतलब है कि सबसे पहले एक अमेरिकी वेब साईट ह्बपेजेज पर किसी ने निर्मल बाबा के ढोंग के बारे में लिखा था. इस पर निर्मल बाबा दिल्ली हाईकोर्ट के सामने गलत तथ्य रख कर ह्बपेजेज के खिलाफ एक तरफा फैसला ले आये तथा वहाँ प्रकाशित सामग्री को हटवाने में कामयाब हो गए थे. इससे निर्मल बाबा के हौसले बुलंद हो गए थे. इसके बाद  निर्मलजीत नरूला के हास्यास्पद और बेतुके उपायों और उनके ज़रिये कमाई जा रही बेहिसाब दौलत को  मीडिया दरबार ने मुद्दा बनाकर एक अभियान छेड़ दिया था और निर्मलजीत नरूला का सारा इतिहास खोज कर मीडिया दरबार पर प्रकाशित कर दिया. इसी दौरान निर्मलजीत नरूला ने मीडिया दरबार को कानूनी नोटिस भेज कर धमकी भी दी मगर मीडिया दरबार इस गीदड़ भभकी में नहीं आया और हमने निर्मलजीत नरूला के वकीलों को अपने वकील के माध्यम से जो जवाब दिया उसके चलते निर्मलजीत नरूला और उसके वकीलों की बोलती बंद हो गई. इसके बाद पूरा वेब मीडिया मीडिया दरबार के इस अभियान से जुड गया था और इस सब के चलते टीवी चैनल्स को भी मज़बूरन निर्मलजीत नरूला के ढोंग भरे विज्ञापन बंद कर निर्मल बाबा के खिलाफ कार्यक्रम दिखाने पड़े थे. बाद में निर्मलजीत नरूला ने अपने वकीलों के ज़रिये कुछ और न्यूज़ पोर्टल्स को भी नोटिस भिजवाए थे और उपरोक्त मामले को दिल्ली हाईकोर्ट तक ले गए.

 

About Post Author

admin

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Facebook Comments

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

3 thoughts on “निर्मलजीत नरूला उर्फ निर्मल बाबा बेतुके उपाय बताना बंद करे: दिल्ली हाईकोर्ट

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Next Post

चाबुक पर चाबुक...

-कुलदीप सिंह राघव|| केंद्र सरकार जनता पर अपना खूब चाबुक चला रही है. बेचारी जनता जब तक पहले चाबुक के […]
Visit Us On TwitterVisit Us On FacebookVisit Us On YoutubeVisit Us On LinkedinCheck Our FeedVisit Us On Instagram