जग गई अलख सरफरोश दीवानों की: कहा, “दाग न लगने देंगे भगत सिंह की शहादत पर…”

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भगत सिंह की शहादत का मजाक बनाना शायद सरकार के लिए आसान नहीं रह गया। दिल्ली ही नहीं, देश भर में शहीद-ए-आज़म के खिलाफ अदालत में गवाही देने वाले गद्दार शोभा सिंह के खिलाफ लोग एकजुट होने लगे हैं। पंजाब के कई नेताओं ने धमकी दी है कि अगर जल्दी ही सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे सड़क पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

तीक्ष्ण सूद

पंजाब के वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा है कि विंडसर प्लेस का नाम शोभा सिंह के नाम पर करने का दिल्ली सरकार का यह फैसला करोड़ों देशभक्तों का अपमान है। सूद के मुताबिक पंजाब की जनता दिल्ली सरकार के इस फैसले को किसी हाल में लागू नहीं होने देगी। उन्होंने मीडिया दरबार को बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो भगत सिंह के समर्थक ट्रकों में भर कर दिल्ली आ जाएंगे और संसद का घेराव करेंगे।

भगत सिंह क्रांति सेना के सदस्य

इधर दिल्ली में भगत सिंह क्रांति सेना ने सभी कॉलेजों में जागरुकता अभियान चलाने का फैसला किया है। सेना के अध्यक्ष ताजिंदर पाल सिंह बग्गा के मुताबिक इस अभियान के तहत दिल्ली भर के कॉलेजों में पोस्टर बांटे जाएंगे और छात्रों से हस्ताक्षर लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे। बग्गा ने मीडिया दरबार को बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो अभियान को देश भर में फैलाया जाएगा।

बहरहाल मीडिया दरबार की यह मुहिम रंग ला रही है और ट्विटर, फेसबुक तथा ऑरकुट के अलावा दूसरे सोशल नेटवर्किंग साइटों पर भी इसके बारे में चर्चा होने लगी। देश के कई अखबारों और टीवी चैनलों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। दिल्ली आजतक और न्यूज 24 ने इस मामले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का पता नहीं था कि शोभा सिंह पर क्या आरोप हैं। हालांकि यह बात गले से नीचे उतरने वाली नहीं थी, लेकिन चैनलों ने उनका यह बयान भी प्रसारित किया जिसमें उनहोंने आशवासन दिया कि अब दिल्ली सरकार इस तथ्य की जानकारी को भी गृह मंत्रालय भेजेगी।

हालांकि इतना कुछ हो रहा है, लेकिन चिंता की बात यह है कि अब तक सरकार या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोई ऐसा संकेत तक नहीं दिया है जिससे कोई दिलासा भी मिल पाए। यहां दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां लिखना आवश्यक प्रतीत हो रहा है –

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में न सही तेरे सीने में सही
हो कहीं भी मगर आग जलनी चाहिए ।।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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7 thoughts on “जग गई अलख सरफरोश दीवानों की: कहा, “दाग न लगने देंगे भगत सिंह की शहादत पर…”

  1. punjab ke sher bhaiyo ko dhanyvad,,,jinke aathak prayas ke karan bhagat singh ji ki shahadat majak banane se bach gai……………..

  2. सूद साहब , और शहीद भगत सिंह के चाहने वालो को मेरा नमस्कार ! जय हिंद ! पंजाब की ही जनता इस फैसले के खिलाफ नहीं है अपितु हम दिल्ली वाले भी इस के खिलाफ है . आपको पंजाब से ट्रक भर कर लाने की जरुरत नहीं , हम दिल्ली देहात ही काफी है . शहीद भगत सिंह अमर रहे — वन्दे मातरम् जय हिंद

  3. आज का युवा वर्ग इन शासन के नुमाइंदों की बदनीयत जान चूका है ये लोग शहीदों के सम्मान को भी ध्वस्त करने पर तुले हैं !हम सब इस आन्दोलन में साथ हैं.वन्दे मातरम

  4. बिल्कुल सही कह रहे हैं और इस आन्दोलन मे हर भारतवासी साथ है और रहेगा ये हमारे देश की आन , बान और शान की बात है और भगतसिंह हमारे देश की आन , बान और शान थे , हैं और रहेंगे

  5. हाँ सही है अगर ऐसा हुआ तोह मैं मैं आत्म हत्या करने पर मजबूर हो जाऊँगा इन दलालों की सरकार ने वैसे ही हमारा जीना हराम कर रखा अगर यह हुआ तोह कोई मतलब ही नहीं रहेगा यहाँ रहने ka

  6. बिल्कुल सही कह रहे हैं और इस आन्दोलन मे हर भारतवासी साथ है और रहेगा ये हमारे देश की आन , बान और शान की बात है और भगतसिंह हमारे देश की आन , बान और शान थे , हैं और रहेंगे…………उनकी शहादत का मज़ाक नही बनने देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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