कांडा को नहीं मिली जमानत, नुपुर मेहता ने कहा दाल काली है….

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गीतिका शर्मा मामले में हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री और हरियाणा न्यूज़ चैनल के मालिक गोपाल गोयल कांडा की अग्रिम जमानत अर्जी

जमानत के भी वांदे

रोहिणी की अदालत ने खारिज कर दी है. इसके बाद गोपाल कांडा की गिरफ्तारी तय है. कांडा की तलाश में पुलिस की छापेमारी चल रही है. बुधवार को ही दिल्ली पुलिस ने कांडा की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई थी. जो हरियाणा में छापेमारी कर रही है.
सूत्रों के अनुसार कांडा को  पुलिस से तीन दिन की मोहलत ना मिलने पर शक हो गया था कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. कांडा बुधवार को ही अपने गुड़गांव के घर से निकले थे. गुरुवार को उनके वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में बकायदा अग्रिम जमानत की अर्जी दी. जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कांडा के खिलाफ कई सबूत मिल चुके हैं.
दूसरी तरफ कांडा की अग्रिम जमानत के लिए रोहिणी की अदालत में गुरुवार को सुनवाई शुरू हो गई. कांडा की तरफ से केटीएस तुलसी पेश हुए. जबकि अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए सरकारी वकील ने भी कई दलीलें दीं. मुकदमे के दौरान सबसे पहले कांडा के वकील ने अग्रिम जमानत की अर्जी देते हुए कहा कि गीतिका भ्रमित थी. अगर वो कंपनी छोड़कर जाना चाहती थी तो इसका मतलब ये नहीं कि कांडा जिम्मेदार हैं. पिछले छह सालों में गीतिका कई बार कंपनी को छोड़ी और ज्वाइन की. वो बहुत ही महत्वाकांक्षी थी.
कांडा के वकील ने आगे कहा कि गीतिका बहुत ही संवेदशील लड़की थी और इसे उनकी मां भी नहीं समझ पाई. गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में इस बात का भी खुलासा नहीं किया कि आखिर कांडा क्या चाहते थे. गीतिका ने जिस तरह से खुदकुशी की. वो भावनाओं में बहकर और गुस्से में उठाया गया कदम है.
दूसरी तरफ सरकारी वकील ने भी कांडा की अग्रिम जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया. सरकारी वकील ने कहा कि हमारे पास गीतिका के दो सुसाइड नोट हैं, एक 4 मई और दूसरा 4 अगस्त का है. ये दोनों नोट मौके से मिले हैं. जो कांडा के खिलाफ सबूत के तौर पर काफी हैं. वकील ने बताया कि जब गीतिका एमडीएलआर कंपनी से जुड़ी तो उसकी उम्र महज सत्रह साल और छह महीने ही थी. इसके बाद गीतिका को बहुत जल्दी प्रमोशन मिला और सैलरी में भी उसी हिसाब से बढ़ोतरी की गई. यही नहीं जब गीतिका अमीरात एयरलाइंस से जुड़ी तो कांडा की कंपनी की तरफ से एक फर्जी चिट्ठी भी अमीरात एयरलाइंस को भेजा गया था.
इसमें गीतिका के चरित्र पर सवाल उठाया गया था. पुलिस के वकील ने कोर्ट को ये भी जानकारी दी कि गीतिका के लैपटॉप से एक मेल भी मिला है जिसे अक्टूबर 2010 में एमडीएलआर की तरफ से भेजा गया था. इस मेल में दुबई से वापस आने की धमकी दी गई थी. वकील ने ये भी बताया कि इस मामले में 4 मोबाइल फोन सुराग के तौर पर जब्त किए गए हैं.
सरकारी वकील ने बताया कि गीतिका खुदकुशी मामले में अरुणा और कांडा दोनों जिम्मेदार हैं. और दोनों को आमने सामने बिठाकर पूछताछ जरूरी है. यही नहीं सुसाइड नोट की भाषा से भी साफ है कि कांडा गीतिका के प्रति गलत नजरिया रखता था. पुलिस के वकील ने बताया कि अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है, ताकि इस मामले में और खुलासा हो सके.
दूसरी तरफ क्रिकेट फिक्सिंग मामले से चर्चा में आयी ग्लैमर गर्ल नुपुर मेहता ने हैदराबाद में एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए भी कहा है कि गोपाल कांडा की फरारी से लगता है कि दाल में कुछ काला है. गौरतलब है कि नुपुर मेहता भी पहले गोपाल कांडा की कंपनी एमडीएलआर एयरलाइंस में काम कर चुकी है. यही नहीं गीतिका शर्मा और नुपुर मेहता में 2009 में काफी विवाद हुआ था और गीतिका ने नुपुर पर चोरी का आरोप लगाते हुए गोवा में पुलिस में मामला भी दर्ज़ करवाया था. इस सबके बाद भी नुपुर मेहता का इस तरह का बयान इस शंका को भी बल देता है कि गोपाल गोयल कांडा की कंपनी एमडीएलआर एयरलाइंस में काम करने वाली लड़कियां महफूज़ नहीं थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.
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