भूख से लडऩे वालों की संपन्न सरहदों से लड़ाई खत्म करने की जरूरत..

भूख से लडऩे वालों की संपन्न सरहदों से लड़ाई खत्म करने की जरूरत..

-सुनील कुमार॥ अमरीका के कई सरहदी राज्यों में वैसे तो पड़ोस के देशों से लोगों की गैरकानूनी घुसपैठ चलती ही रहती है, लेकिन अभी कुछ घंटे पहले वहां के टैक्सास में एक बड़ी लॉरी लावारिस पड़ी मिली जिसके भीतर 46 लाशें पड़ी हुई थीं। जाहिर तौर पर ये गैरकानूनी तरीके से अमरीका में आए हुए लोग थे जो कि मानव-तस्करी का कारोबार करने वाले लोगों की इस लॉरी में आगे ले जाए जा रहे थे। इसके भीतर न कोई एयरकंडीशनिंग थी, न ही पीने का पानी भी था, और इन 46 लाशों के बीच 16 लोग जिंदा भी मिले हैं...

हैवानों से भरा समाज

हैवानों से भरा समाज

उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के रुड़की से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां रात को चलती कार में छह साल की मासूम बच्ची और उसकी मां से सामूहिक बलात्कार का जघन्य अपराध किया गया है। पुलिस के अनुसार, रुड़की के पास मुस्लिम तीर्थस्थल पिरान कलियर से एक महिला अपनी छह साल की बेटी के साथ रात के वक्त रुड़की जा रही थी, रास्ते में एक कार सवार युवक ने उन्हें लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बैठा लिया। कार में कुछ युवक पहले से मौजूद थे। उन लोगों ने मां और नन्ही बच्ची दोनों के साथ...

विधायकों के प्लेन और होटल पर खर्च क्या अब भी चर्चा के लायक हैं?

विधायकों के प्लेन और होटल पर खर्च क्या अब भी चर्चा के लायक हैं?

-सुनील कुमार॥ सोशल मीडिया की मेहरबानी से किसी भी जलते-सुलगते मुद्दे पर खास से लेकर आम लोगों तक को अपने मन की बात कहने का मौका हासिल है। और इसी के चलते हुए अभी लगातार यह बात लिखी जा रही है कि महाराष्ट्र से शिवसेना के विधायकों को लेकर पहले भाजपा शासित गुजरात और फिर भाजपा शासित असम ले जाने वाले विमानों का खर्चा कहां से आ रहा है? लोग यह भी पूछ रहे हैं कि विधायकों का पहला बड़ा जत्था गुवाहाटी पहुंच जाने के बाद छोटे-छोटे जत्थों के लिए फिर से विमान जुटाने का खर्च कहां से आ रहा...

अमेरिका का स्याह पक्ष

अमेरिका का स्याह पक्ष

अमेरिका दुनिया में केवल एक महाशक्ति का नाम ही नहीं है, बल्कि दुनिया के करोड़ों लोगों के लिए स्वप्नजगत की तरह है, जहां हर चीज खूबसूरत, नायाब और अनूठी है। भारत समेत दुनिया के लाखों-करोड़ों नौजवान अमेरिकी रहन-सहन को अपनाने की कोशिश करते हैं, अमेरिकी समाज की तरह बेफिक्र, बेलौस जीवन जीने की आकांक्षा उनकी होती है। हालांकि ऐसी चाह रखने वालों के लिए दूर के ढोल सुहावने वाला मुहावरा नसीहत के तौर पर दिया जा सकता है। क्योंकि अमेरिका में हर चीज अच्छी और सुंदर नहीं है। वहां भी अन्य समाजों की तरह बहुत सी कमियां और खामियां हैं।...

इनको मालूम है ईश्वर की हकीकत लेकिन, दिल…

इनको मालूम है ईश्वर की हकीकत लेकिन, दिल…

-सुनील कुमार॥ जिस अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद अमरीकी और पश्चिमी मदद बंद हो जाने से लोग भुखमरी के करीब पहुंच रहे हैं, वहीं पर बड़ा बुरा भूकंप आया, और हजार के करीब लोग अपने कच्चे मकानों के मलबे में ही दबकर मर गए। तालिबान-सरकार के पास न अस्पताल हैं, न इलाज है, और न ही मकानों का मलबा उठाने के लिए मशीनें हैं कि लोगों को बचाया जा सके। दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन के बीच जो जंग चल रही है, उसके चलते यूक्रेन के अनाज भंडार वहां से निकाले नहीं जा रहे हैं, और नतीजा यह...

एक-एक अफसर से सोने-चांदी की ईटों के ऐसे भंडार का मतलब.?

एक-एक अफसर से सोने-चांदी की ईटों के ऐसे भंडार का मतलब.?

-सुनील कुमार॥ पंजाब के चंडीगढ़ में एक आईएएस अफसर के बेटे ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है, और परिवार का कहना है कि पंजाब विजिलेंस की जो टीम उनकी घर की तलाशी लेने आई थी, उसी ने बेटे को गोली मार दी हैं। यह आईएएस अफसर, संजय पोपली, कुछ दिन पहले भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, और उसकी काली कमाई की जांच के लिए विजिलेंस कई जगह छापेमारी कर रही है, और इसी सिलसिले में उसके घर पहुंची थी जहां परिवार में यह हादसा हुआ। विजिलेंस...

खबर की विश्वसनीयता के लिए सही डाटा जरुरी..

खबर की विश्वसनीयता के लिए सही डाटा जरुरी..

पिंकसिटी प्रेस क्लब और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की मीडिया सेमिनार जयपुर, 25 जून। पिंकसिटी प्रेस क्लब और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को “समाचारों को तथ्यपरक और विश्वसनीय बनाने में डाटा एवं ग्राफिक्स का प्रयोग कितना महत्वपूर्ण” विषय पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शहर के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टल्स और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े अनेक जाने माने पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यशाला में पत्रकारिता में डाटा का उपयोग करने और www.indiadataportal.com का प्रयोग करते हुए आकर्षक विज़ुअलाइज़ेशन के माध्यम से आंकड़ों का...

सवाल फोकस और एंगल का है..

सवाल फोकस और एंगल का है..

-सर्वमित्रा सुरजन॥ बाढ़ में तटबंधों को तोड़कर सारी मर्यादाएं पानी उफान के साथ बहा कर ले जाता है, वैसे ही सत्तालोलुपता की बाढ़ में पिछले आठ सालों में देश में लोकतंत्र की मर्यादाएं, बंधन, नैतिकता, शिष्टाचार, संस्कार सब बह गए हैं। बाढ़ का ये पानी कब उतरेगा, कब नदी शांत होकर बहेगी, कुछ पता नहीं, क्योंकि नदी को बांध कर रखने वाली किनारे की मिट्टी को ही खोद दिया गया है। एंगल ये है कि पहले के जैसा कुछ भी न रह जाए। साहब कार से उतरे। कुछ दूरी पर अभिवादन के लिए हाथ जोड़े लोग कतार में खड़े थे।...

परिवार का आकार और खर्च दोनों छोटे बनाए रखें..

परिवार का आकार और खर्च दोनों छोटे बनाए रखें..

-सुनील कुमार॥ मुम्बई की एक रिपोर्ट है कि 2021 में वहां नए जन्म का रजिस्ट्रेशन कोरोना के पहले के बरस 2019 के मुकाबले 24 फीसदी गिर गया है। 2019 में 1 लाख 48 हजार से अधिक जन्म रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो 2020 में गिरकर 1 लाख 20 हजार हो गया, अब 2021 में वह कुल 1 लाख 13 हजार रह गया है। इसकी एक बड़ी वजह मुम्बई में बाहर से आकर काम करने वाले लोगों का लॉकडाउन के दौरान अपने गांव लौट जाना रहा, और उसके बाद से अब तक वे सारे लोग काम पर लौटे नहीं हैं। ऐसा भी...

किसी धर्म-जाति के राष्ट्रपति बनने से भला उस धर्म-जाति के भले का क्या लेना-देना..?

किसी धर्म-जाति के राष्ट्रपति बनने से भला उस धर्म-जाति के भले का क्या लेना-देना..?

-सुनील कुमार॥ अखबार की जिंदगी भी बड़ी अजीब रहती है, अक्सर ही पहले पन्ने पर जगह पाने के लिए खबरों में धक्का-मुक्की होती है, और अगर पहला पन्ना तैयार करने वाले लोगों को मेहनत से परहेज न हो, तो आखिरी पलों तक खबरें ऊपर-नीचे, बाहर-भीतर होती रहती हैं। अब कल ही एक तरफ तो महाराष्ट्र की शिवसेना में अभूतपूर्व और बड़ी बगावत चल रही थी, सरकार गिरने के आसार दिख रहे थे, और दूसरी तरफ देश की विपक्षी पार्टियों ने मिलकर एक आकस्मिक एकता दिखाते हुए यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना दिया। और जैसा कि पहले से...

युवाओं से चर्चा करें प्रधानमंत्री..

युवाओं से चर्चा करें प्रधानमंत्री..

-देशबंधु॥ अग्निपथ योजना के खिलाफ पिछले पांच दिनों से विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। युवाओं की नाराजगी थमने की जगह हिंसक विरोध के रूप में सामने आ रही है। बिहार, उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में प्रदर्शन से भारी नुकसान हो चुका है और देश के बाकी राज्यों में भी गुस्से की आग फैलती जा रही है। प्रदर्शनकारियों को नसीहत दी जा रही है कि वे अपना विरोध दर्ज करें, लेकिन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तरीके से। बात ठीक भी है, क्योंकि गुस्से में आकर तोड़फोड़ और आगजनी से हम अपने टैक्स की रकम से खड़ी की गई संपत्ति को ही नुकसान पहुंचा रहे...

सेना भर्ती में बुनियादी फेरबदल किस रफ्तार से, किस कीमत पर.?

सेना भर्ती में बुनियादी फेरबदल किस रफ्तार से, किस कीमत पर.?

-सुनील कुमार॥ एक बार फिर देश की मोदी सरकार की एक बड़ी महत्वाकांक्षी योजना से बड़ा बवाल उठ खड़ा हुआ है। अग्निपथ योजना के तहत देश के नौजवान फौज में भर्ती होकर अग्निवीर बनने के पहले ही देश के आधा दर्जन राज्यों में प्रदर्शन करते हुए ट्रेन और बस में आग लगाने की वीरता दिखा रहे हैं। यह मामला बड़ा जटिल है, और हम देश की सुरक्षा से जुड़ी हुई इस फौजी नीति में आमूलचूल बदलाव का अतिसरलीकरण करना भी नहीं चाहते। लेकिन अलग-अलग जानकार लोगों की कही हुई, और लिखी हुई जो बातें अब तक सामने आई हैं, वे...