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मिनी कश्मीर की झील में डूब रहा है कमल, लेकिन हाथी कहीं खेल ना बिगाड़ दे हाथ का

उत्‍तराखण्‍ड में भाजपा  पहली बार व्यक्ति विशेष के नाम पर चुनाव लड़ रही है। कहा जा रहा है कि प्रदेश की 72 फीसद जनता चाहती है कि खंडूड़ी मुख्यमंत्री बनें। परन्‍तु इसके लिए जरूरी है कि हर विधानसभा में भाजपा का कमल खिले। हालांकि उत्तराखंड के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले पिथौरागढ़ में एंटी इनकंबेंसी [...]

आदि शंकराचार्य को शास्त्रार्थ में हराने वाले मिश्र दंपत्ति की भूमि हो रही है शैक्षिक तौर पर बंजर

कोशी नदी के प्रकोप से जन-मानस को मुक्ति दिलाएं, शैक्षणिक धरोहर बचाने हेतु बिहार और बिहार से प्रवासित लोग आगे आयें” – नीना, भारती-मंडन विद्या केंद्र के विकास अभियान की प्रमुख आप मानें या ना मानें, लेकिन यह सत्य है कि जब आदि शंकराचार्य आज से लगभग 2466 वर्ष पहले धर्म, कर्म, वेद, ज्ञान के प्रचार-प्रसार हेतु [...]

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उत्तरप्रदेश : जनता अभी मौन है

- राजीव गुप्ता|| समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है जिसकी चपेट में कई लोग “काल के शिकार” भी हो गएँ हैं परन्तु उत्तरप्रदेश के चुनावी वातावरण में कुदरत के कहर का भी कोई जोर नहीं चल पा रहा है ! हर तरफ विभिन्न पार्टियों के राजनेता ताबड़तोड़ रैलियां कर समूचे उत्तरप्रदेश के वातावरण को गर्म किये हुए है [...]

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कदम्ब डूंगरी, जयपुर में लक्खी पौषबड़ा प्रसादी बनना शनिवार प्रातः से प्रारम्भ!

 सवा सौ हलवाई 30 भट्टियों पर प्रसादी बनाने में जुटेंगे!! पांच सौ मन की  गट्टे की सब्जी बनेगी!!! सवा लाख श्रृद्धालू 3 बीघा क्षेत्र में पंगत प्रसादी ग्रहण करेंगे!!!  प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सिद्धपीठ पावन मंगल सेवा संस्थान कदम्ब डूंगरी में 8 जनवरी रविवार को आयोजित राज्य के सबसे बड़े लक्खी पौष बड़ा में ढ़ाई हजार मन पौष बड़ा प्रसादी [...]

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राजनीति की मण्डी बड़ी नशीली है, इस मण्डी में सबने मदिरा पी ली है.

 - सतीश चन्द्र मिश्र उत्तरप्रदेश के राजनीतिक रंगमंच पर शातिर और सधे हुए बाजीगरों-कलाकारों के अज़ब-गज़ब करतबों का कुटिल क्रम गति पकड़ने लगा है. लोकतान्त्रिक मर्यादाओं, सिद्धांतों, आदर्शों, नीतियों-नियमों और परम्पराओं को अवसरवादिता के अग्निकुंड में लपलपा रही स्वार्थी राजनीति की तेज़ लपटों के हवाले अत्यंत निर्लज्जता के साथ किया जा रहा है. उत्तरप्रदेश की राजनीति [...]

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हास्यास्पद हसीन सपना पूरा करने के “केजरीवाली” हथकंडे

-सतीश चन्द्र मिश्र || अन्ना टीम, खासकर उसका सबसे शातिर खिलाडी अरविन्द केजरीवाल पिछले कुछ महीनों से टी.वी.कैमरों के समक्ष जब-तब अपने तथाकथित जनलोकपाली रिफ्रेंडम की धौंस देता रहता है. हर बात पर सर्वे करा लेने की चुनौतियाँ धमकियों की तरह देता रहता है. लेकिन फेसबुक के मित्रों ने उसको लेकर एक ऐसा सर्वे कर डाला जो अन्ना टीम [...]

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शहीदों को शर्मिंदा करने की अपराधी है ये टीम अन्ना

-सतीश चन्द्र मिश्र || 9 माह तक देश में चले जनलोकपाली ड्रामे का विश्वासघाती शर्मनाक पटाक्षेप 29 दिसम्बर की रात्रि को हो गया. लोक्संभा में लंगड़े-लूले अधकचरे लोकपाल बिल को जैसे तैसे पास करके, राज्यसभा में उसको अजन्मी संतान का जीवन देकर केंद्र की कांग्रेस गठबंधन सरकार ने अपना वायदा पूरा करने की औपचारिकता अत्यंत कुटिलता [...]

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NGO गैंग की शर्मनाक सौदेबाज़ी, ठगा गया देश

-सतीश चंद्र मिश्र ।। अगर अन्ना हजारे को बुखार आ गया था तो अन्ना टीम के स्टील बॉडी वाले केजरीवाल, तगड़ी-तंदरुस्त किरण बेदी और मजबूत डीलडौल वाले हट्टे-कट्टे मनीष और “मंचीय मसखरे” कुमार विश्वास क्यों नहीं बैठे अनशन पर…? यदि स्वास्थ्य कारणों से अन्ना का जेल जाना संभव नहीं था तो ये लोग ही अनशन जारी [...]

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राजस्थान के शिक्षा मंत्री परमार ने सच क्या बोला, हंगामा हो गया

-गिरधर तेजवानी || राजनीति भी अजीबोगरीब चीज है। नेता झूठ बोले तो बवाल और सच बोल जाए तो हंगामा। इधर कुआं, उधर खाई। नेता बेचारा जाए कहां? तभी तो बुजुर्गों ने कहा है कि बोलने से पहले तोलना चाहिए, मगर जुबान है कि दातों से बचने-बचाने के चक्कर में फिसल ही जाती है। और जुबान [...]

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गिरते घर , मरते लोग

- राजीव गुप्ता|| मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में “मकान” की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है ! हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि सिर ढकने के लिए एक छत  अर्थात उसका  ” अपना आशियाना ”  हो जहां उसका परिवार प्रफ्फुलित एवं पल्लवित हो और इसी की  जद्दोजेहद में मनुष्य अपने जीवन की अधिकतम आयु लगा देता है , परन्तु जब यही आशियाना चाहे कारण कोई [...]

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