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कितना काम आएगा युवाओ को रिझाने के लिए राजनीतिक दलों का लॉलीपाप?

-धीरेंद्र अस्थाना|| देश की संसद में बड़ी-बड़ी बातें करने वाली राजनीतिक पार्टियां प्रायोगिक तौर पर अपनी ही बातों से मुकर जाती है। जिस की बानगी दिख रही है यूपी चुनावों में। हम बात कर रहै हैं सपा मुखिया मुलायम सिंह की। उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए समाजवादी पार्टी कोई कोर कसर बाकी नहीं [...]

खत्म हुई UID पर तकरार, लेकिन अब भी NPR ही बनेगा ‘आधार’ का आधार

यूआईडी को मंजूरी बेशक मिल गई हो, लेकिन इसे अब तक ठंढे बस्ते में डाल देने वाले गृह मंत्रालय ने आखिरकार अपनी प्रभुता को बनाए ही रखा। नंदन निलेकनी की टीम को अभी भी अपने फाइनल डैटाबेस के लिए एनपीआर पर ही भरोसा करना पड़ेगा। सभी एक-दूसरे की पीठ थपथपाने में जुटे हैं, लेकिन इस [...]

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मिनी कश्मीर की झील में डूब रहा है कमल, लेकिन हाथी कहीं खेल ना बिगाड़ दे हाथ का

उत्‍तराखण्‍ड में भाजपा  पहली बार व्यक्ति विशेष के नाम पर चुनाव लड़ रही है। कहा जा रहा है कि प्रदेश की 72 फीसद जनता चाहती है कि खंडूड़ी मुख्यमंत्री बनें। परन्‍तु इसके लिए जरूरी है कि हर विधानसभा में भाजपा का कमल खिले। हालांकि उत्तराखंड के मिनी कश्मीर कहे जाने वाले पिथौरागढ़ में एंटी इनकंबेंसी [...]

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राजनीति की मण्डी बड़ी नशीली है, इस मण्डी में सबने मदिरा पी ली है.

 - सतीश चन्द्र मिश्र उत्तरप्रदेश के राजनीतिक रंगमंच पर शातिर और सधे हुए बाजीगरों-कलाकारों के अज़ब-गज़ब करतबों का कुटिल क्रम गति पकड़ने लगा है. लोकतान्त्रिक मर्यादाओं, सिद्धांतों, आदर्शों, नीतियों-नियमों और परम्पराओं को अवसरवादिता के अग्निकुंड में लपलपा रही स्वार्थी राजनीति की तेज़ लपटों के हवाले अत्यंत निर्लज्जता के साथ किया जा रहा है. उत्तरप्रदेश की राजनीति [...]

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राजस्थान के शिक्षा मंत्री परमार ने सच क्या बोला, हंगामा हो गया

-गिरधर तेजवानी || राजनीति भी अजीबोगरीब चीज है। नेता झूठ बोले तो बवाल और सच बोल जाए तो हंगामा। इधर कुआं, उधर खाई। नेता बेचारा जाए कहां? तभी तो बुजुर्गों ने कहा है कि बोलने से पहले तोलना चाहिए, मगर जुबान है कि दातों से बचने-बचाने के चक्कर में फिसल ही जाती है। और जुबान [...]

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मायावती जी, आखिर आप चाहतीं क्या हैं ?

-राजीव गुप्ता उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधान सभा के चुनावी दंगल में लगभग सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत के साथ अपना – अपना बिगुल बजा दिया है ! कोई रथ यात्रा कर रहा है ,  कोई वहां की जनता को ” भिखारी ” कहकर जगा रहा है तो  कोई मुस्लिम आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री को [...]

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UP में गुंजाईश नहीं किसी भी पार्टी को बहुमत मिलने की, क्या दो बार होंगे चुनाव?

-ओमकार मणि त्रिपाठी।। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में जब बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था और मायावती के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ था, तो ऐसा लगा था कि इस प्रदेश में अब गठबंधन युग और राजनीतिक अस्थिरता का दौर खत्म हो चुका है,लेकिन अब एक बार फिर [...]

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कहीं चिदम्बरम मामले में PM को “झटका” न दे दें राष्ट्रहित के प्रति जिद्दी और सजग प्रणब दा…?

-शिवनाथ झा।।  “देशेर डाक” (मातृभूमि की पुकार) या यूँ कहें कि राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर 2जी मामलों में प्रणब मुख़र्जी प्रधान मंत्री को भी नहीं छोड़ सकते हैं चाहे उन्हें कोलकाता ही जाना पड़े. “जी” शब्द में बहुत दम है. जब तक “जी” कहते रहेंगे, आप किसी के भी आँखों का तारा रहेंगे, जैसे ही आपका जिह्वा इसे [...]

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क्या मदेरणा का खुला घूमना ठीक रहेगा भंवरी देवी हत्याकांड की जांच के लिए?

मंत्रीपद को मिले थोड़े से जीवनदान को महिपाल मदेरणा शायद पूरी तरह भुना लेना चाहते हैं। भंवरी देवी हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों, सुबूतों और तथ्यों को प्रभावित करने और परिजनों को डरा-धमका कर प्रभावित करने की हर कोशिश जारी है। आशंका यह जताई जा रही है कि इस मामले का हश्र भी मदेरणा पर चले [...]

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मनीष छोटे भाई, अन्ना बड़े भाई…। सब भाई-भाई, अब नहीं होगी कोई लड़ाई..।।

खबर है कि मनीष तिवारी के वकील ने अन्ना के वकील को जो लिखित माफी-नामा भेजा था उसे मंजूर कर लिया गया है। अन्ना बाबूराव हजारे ने मनीष तिवारी को उनके कहे अपशब्दों के लिए माफ कर दिया है। अब रालेगण सिद्धि से वकील का जवाब आने वाला है। दरअसल मनीष तिवारी ने यह माफीनामा [...]

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