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-भारत सेन।। भारतीय राजनीति में शासन और सत्ता से हमेशा दूर रही नाई जाति भारत के सभी राज्यों से अपने विधायक और सांसदो की मांग राजनीतिक दलो से करती रही हैं। सामाजिक और शैक्षणिक रूप पिछड़ी हुई और आर्थिक रूप से कमजोर भूमिहीन नाई जाति देश की आजादी के समय से ही अनुसूचित जाति में [...]
December 31, 2011 /
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जिस तरह मीडिया ने अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी अनशन को दिखाया, उससे बहुत लोगों को अपनी पहले की सोच पर या तो शक हुआ होगा, या ऐसा भी लगा होगा कि मीडिया ने सच बताया। आमतौर पर साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है, लेकिन इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने यह सिद्ध [...]
September 23, 2011 |
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- शिव नारायण शर्मा।। दुनिया में कुछ अलग-अलग व्यक्तित्व के लोग रहते हैं एक व्यक्तित्व वह होता है जो भ्रष्ट तंत्र का उपयोग करके धन और रुतबे में अपने आप को ऊँचा उठाने की कोशिश करते हैं, ऐसे लोग समाज में अपने रुतबे की ज़्यादा परवाह करते हैं न कि अपनों कि, दूसरा व्यक्तित्व वह [...]
September 5, 2011 |
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-कविता सहाय ।। अन्ना हज़ारे जब यमन में जनता विद्रोह के लिए उठ खड़ी हुई थी तो विद्रोह की यह आग कई देशों में फैली। ठीक ऐसे ही.. थर्ड मीडिया और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के जरिए। भ्रष्टाचार और महंगाई से त्रस्त भारत की जनता भी अपने देश में कुछ ऐसा ही देखना चाहती थी। [...]
August 17, 2011 |
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पाकिस्तान की नवनियुक्त विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत आकर करोड़ों हिन्दुस्तानियों का दिल जीत लिया। भारतीयों का दिल जीतने के पीछे सिर्फ उनका खूबसूरत चेहरा ही नहीं बल्कि वो मुद्दे भी हैं, जिन पर उन्होंने हमारे विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से बात की। रब्बानी और कृष्णा के बीच वार्ता दोनों देशों के बीच [...]
July 28, 2011 |
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।। वंदना गुप्ता ।। आज जनता ने शोर तो बहुत मचाया हुआ है कि उसके साथ न्याय नहीं हो रहा मगर कभी अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देखा कि उसके लिए जिम्मेदार कौन है। एक बार अपने गिरेबान में झांक कर देखे तो समझ आ जायेगा कि वो खुद इसके लिए जिम्मेदार है। अब [...]
July 28, 2011 |
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।। सुनील दत्ता ।। लोक पाल विधेयक का अंतिम मसौदा क्या बनता है। वह भी बन पाता है या नही? फिर बनने के बाद संसद में पास हो पाता है या नही? विधेयक की शक्ल ले पाता है या नहीं जैसे सवाल भविष्य के गर्त में है। लेकिन इसमें एक बात तो साफ़ है कि [...]
July 25, 2011 |
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- वंदना गुप्ता आज सबके अपने अपने विचार हैं सब अपनी अपनी तरह से संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं और अपना क्रोध भी व्यक्त कर रहे हैं। करें भी क्यों ना.. आखिर हर संवेदनशील व्यक्ति ऐसा ही करेगा या कहिए हर आम इंसान जिसमे ज़रा भी इंसानियत होगी वो इन सब से त्रस्त होगा ही [...]
July 14, 2011 |
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- विजय पाटनी इस देश के सर्वोच्च पद पर एक महिला है , इस देश के कर्णधार को कठपुतली की तरह भी एक महिला ही चला रही है, विपक्ष का मोर्चा भी महिला ने संभाल रखा है, कुछ प्रदेशों की मुख्यमंत्री भी महिला ही हैं, मानवाधिकार आयोग में महिला है और इंडिया को करप्शन मुक्त बनाने में [...]
July 12, 2011 |
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-अभय कालरा (मीडिया दरबार साप्ताहिक आलेख प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित) आज देश में हर आदमी चाहे छोटा हो या बड़ा, महंगाई से बुरी तरह त्रस्त है। न सिर्फ बुनियादी जरूरत की चीजें बल्कि लग्ज़री और कम उपयोग में आने वाली चीजें भी बेइंतहा महंगी हो गई हैं। यह दाम जिस तरह बढ़ रहे [...]
July 4, 2011 |
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